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VIDEO: STUDENTS मेरे घर में घुस आए, मेरी WIFE को बंधक बना लिया: JNU के VC ने कहा

नई दिल्ली। दिल्ली स्थित जेएनयू की नई ऐडमिशन पॉलिसी के खिलाफ स्टूडेंट्स यूनियन का अनशन सातवें दिन भी जारी रहा। स्टूडेंट्स ने सातवें दिन वीसी के घर तक मार्च निकाली जिस दौरान काफी हंगामा हुआ। उन्होंने वीसी के घर में घुसने की कोशिश की जिन्हें सुरक्षाकर्मियों ने रोका। हालांकि, वीसी Mamidala Jagadesh Kumar का आरोप है कि स्टूडेंट्स जबरन घर घुस आए और उनकी पत्नी को बंधक बना लिया।  

ऐसी खबरें आ रही हैं कि वहां पथराव भी हुआ है। इस मार्च को लेकर जेएनयू वीसी ने नाराजगी जताते हुए ट्वीट किया। उन्होंने दावा किया कि स्टूडेंट्स जबरन उनके घर घुस आए और उस दौरान उनकी पत्नी घर पर अकेली थीं। उन्होंने लिखा, 'कुछ स्टूडेंट्स जेएनयू स्थित मेरे घर में जबरन घुस आए और मेरे पत्नी को घर में घेर लिया। वह अकेली थी और घबराई हुई थी। बहुद दुर्भाग्यपूर्ण घटना है।' 

उन्होंने आगे ट्वीट किया, 'आज शाम कुछ स्टूडेंट्स जेएनयू स्थित मेरे आवास जबरन घुस आए और मेरी पत्नी को कई घंटे तक घर में बंद रखा, जबकि मैं उस वक्त मीटिंग में था। क्या यह प्रदर्शन का तरीका है? घर के अंदर अकेली औरत को आतंकित करना प्रदर्शन है?' 

दिल्ली पुलिस ने मामले पर बयान जारी कर कहा, 'आज जेएनयू वीसी के घर तक मार्च बुलाई गई थी। स्टूडेंट्स उनके घर के पास पहुंचे और घर में घुसने की कोशिश की। सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें रोका। अब तक अधिकांश स्टूडेंट्स को उनके होस्टल भेज दिया गया है। कुछ लोग वहीं जमा हैं। स्थिति नियंत्रण में है।' 

उल्लेखनीय है कि 11 स्टूडेंट्स 7 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे हैं। इनमें से दो को तबीयत खराब होने पर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उधर, प्रशासन का कहना है कि जेएनयू के ऐडमिशन प्रोसेस में ऑनलाइन इंट्रेंस टेस्ट लोकतांत्रिक ढंग से लाया गया है। साथ ही, बीए लैटरल एंट्री और एमफिल-पीएचडी एडमिशन के लिए अलग अलग एंट्रेंस रखने का फैसला पिछले दो साल में अकैडमिक काउंसिल की मीटिंग में लिए गए हैं।