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PAKISTAN से तनाव के संदर्भ में रक्षा मंत्रालय का आधिकारिक प्रेस रिलीज | NATIONAL NEWS

नई दिल्ली। भारतीय वायु सेना, वर्तमान सुरक्षा परिदृश्य में किसी भी संभावित खतरे से निपटने के लिए पूरी तरह से तैयार है। पाकिस्तानी वायु सेना द्वारा किसी प्रकार के अतिक्रमण वाली हरकतों का पता लगाने के लिए और उसे विफल करने के लिए आसमान में कड़ी निगरानी रखी जा रही है। सीएए पाकिस्तान द्वारा जारी नोओटीएएम संख्या ए0234/ 19 (NOTAM No. A0234/ 19) के अनुसार, पाकिस्तान ने केवल ओमान, ईरान, अफगानिस्तान और चीन के लिए अपना हवाई क्षेत्र खोल कर रखा है। भारत-पाक हवाई सीमा पर स्थित 11 प्रवेश/ निकास बिंदु अभी भी बंद पड़े हैं।

जम्मू और कश्मीर में नियंत्रण रेखा के साथ लगे हुए फॉरवर्ड लोकेशनों और जम्मू क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय सीमा का दौरा करने के बाद, सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत ने राजस्थान में अंतर्राष्ट्रीय सीमा के साथ लगे हुए फॉरवर्ड क्षेत्रों का दौरा किया। थल सेनाध्यक्ष (सीओएएस) ने सेना के ऑपरेशनल तैनाती और उनकी तैयारियों की समीक्षा करने के लिए बाड़मेर और सूरतगढ़ सेक्टरों के फॉरवर्ड लोकेशनों का दौरा किया। उनके इस निरीक्षण के दौरान, थल सेनाध्यक्ष को मौजूदा ऑपरेशनल अवस्था, अपनाए जा रहे सुरक्षा परिदृश्यों और संरचनाओं की तैयारी की स्थिति के बारे में जानकारी प्रदान की गई और अपडेट दिया गया।

थल सेनाध्यक्ष ने भारतीय सेना की क्षमताओं पर अपना पूरा विश्वास व्यक्त किया कि वह पाकिस्तान द्वारा अस्थिरता उत्पन्न करने के किसी भी नापाक प्रयास को विफल करने में सक्षम है। उन्होंने सैनिकों के हौसले की उच्च अवस्था की प्रशंसा की और निर्देश दिया कि वे वायु सेना के साथ परस्पर समन्वय बनाकर सभी प्रकार की घटनाओं से निपटने के लिए तैयार रहें।

डिजीटल मीडिया पर गलत सूचनाएं फैलाने का अभियान बढ़ा है
भारत की आधिकारिक यात्रा पर आए अमेरिकी सेना के विशेष ऑपरेशन्‍स कमांड के कमांडर जनरल रेमन्‍ड थॉमस ने सेनाध्‍यक्ष जनरल बिपिन रावत से मुलाकात की। दोनों जनरल ने बढ़ते क्षेत्रीय सुरक्षा पर्यावरण, वैश्विक आतंकवाद और आतांकवाद को पाकिस्‍तान के जारी समर्थन पर गंभीरता से बातचीत की। क्षेत्र में शांति और स्थिरता में भारत की भूमिका को समझते हुए जनरल रेमन्‍ड ने प्रौद्योगिकी में सैन्‍य सहयोग और दोनों देशों के बीच सैन्‍य विनिमय की जरूरत पर जोर दिया। मौजूदा स्थिति में भारतीय सेना उभरती चुनौतियों से निपटने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं। पिछले तीन सप्‍ताह में डिजीटल मीडिया पर गलत सूचनाएं फैलाने का अभियान बढ़ा है। सैनिकों को गलत सूचना अभियानों के प्रति सतर्क किया गया है और वे आतंकवाद को बढ़ावा देने वालों के झूठ और धोखे को समझ सकते हैं।