Loading...

MP: प्रॉपर्टी नामांतरण के नियम पढ़ लें नहीं तो जुर्माना लगेगा | LEGAL NEWS

भोपाल। राजधानी में आपने प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री (Property Registry) करा ली है और 6 महीने के भीतर नामांतरण (Transfer of property ownership) के लिए आवेदन नहीं किया है तो आपको 5 हजार रुपए का जुर्माना चुकाना पड़ सकता है। जिला प्रशासन के अफसरों ने तय समय पर नामांतरण नहीं कराने वाले प्रॉपर्टी (PROPERTY) के खरीदारों पर जुर्माना (Fine) लगाने का काम शुरू कर दिया है। 

शहर में लंबे समय से खेती की जमीन पर 2156 वर्गफीट से छोटे प्लॉटों के नामांतरण पर रोक लगाने के आदेश तत्कालीन कलेक्टर निशांत वरवड़े (Nishant Varwade) ने दिए थे। दो साल बाद तत्कालीन संभागायुक्त अजात शत्रु श्रीवास्तव (Ajaat shatru shrivastav) ने इस रोक को हटा दिया था। दोबारा छोटे प्लॉटों के नामांतरण की प्रक्रिया शुरू हो गई थी। इस दौरान ऐसे मामले भी पकड़ में आए थे जिसमें कई आवेदक ऐसे थे जिन्होंने रजिस्ट्री कराने के दो से तीन साल बाद भी नामांतरण नहीं कराया था। अब नायब तहसीलदार (Naib Tehsildar) इन प्लॉटों का नामांतरण देरी से कराने वाले आवेदकों पर 5-5 हजार का जुर्माना लगा रहे हैं। जिला प्रशासन के अफसरों का तर्क है कि भू-राजस्व संहिता (Land Revenue Code) में रजिस्ट्री के 6 महीने के अंदर नामांतरण नहीं कराने पर 5 हजार जुर्माना लगाने का प्रावधान है। 

दो केस...जुर्माना भरने के बाद ही मान्य हुआ नामांतरण / Two cases ... only after the fines have been Transfer of property ownership

1... इमामीगेट निवासी मोहनलाल मालवीय ने 16 जून 2017 में 1500 वर्गफीट का एक प्लॉट बैरागढ़कलां में खरीदा था। बैरागढ़ में नायब तहसील कोर्ट में नामांतरण का आवेदन दिया। नामांतरण तो हो गया, लेकिन तय समय-सीमा में नामांतरण नहीं कराने पर 5 हजार का जुर्माना लगा दिया। 

2... करोंदकला निवासी अजय अहिरवार ने 27 अगस्त 2017 में 1 हजार वर्गफीट भानपुर रोड के पास प्लॉट खरीदा था। लेकिन नामांतरण का आवेदन करने के बाद उन पर 5 हजार रुपए का जुर्माना लगा दिया है। इसके बाद उनका नामांतरण हो पाया। 

डायवर्सन और एनओसी पर रोक बरकरार / Diversion and continued restrictions on NOC

31 मई 2018 को छोटे प्लॉटों पर लगी रोक हटाने के बाद भी इनका डायवर्सन और एनओसी पर लगी रोक अब तक नहीं हटाई गई है, जिससे नामांतरण कराने वाले लोग प्लॉट का आवासीय डायवर्सन नहीं करा पा रहे हैं। ऐसे में नजूल एनओसी और बिल्डिंग परमिशन नहीं मिल पा रही है। इसके लिए भी रोजाना लोग एसडीएम दफ्तरों के चक्कर लगा रहे हैं। 

अब रजिस्ट्री के साथ हो रहा नामांतरण का आवेदन / Now the Transfer of property ownership application with Registry

नई व्यवस्था के तहत अब प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री कराने के साथ ही नामांतरण का आवेदन ऑनलाइन तहसीलदार कोर्ट में पहुंच जाता है। यहां से संबंधित व्यक्ति को नामांतरण की पेशी की डेट दी जाती है। 30 दिन के भीतर अविवादित नामांतरण की प्रक्रिया पूरी होती है।