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VIDISHA NEWS: किसान का कर्ज 1.70 लाख, माफ हुआ 1522 रुपए

विदिशा। कृषि उपज मंडी KRSHI UPAJ MANDEE परिसर में सोमवार को प्रशासन ने जय किसान फसल ऋणमाफी योजना (Jai Kisan Crop Loan Scheme ) के तहत शिविर लगाया गया। इसमें पहले चरण में 65 गांवों के 8175 किसानों का 50 हजार तक का लोन माफ करने का दावा किया गया, लेकिन अधिकतर किसानों को 50 हजार रुपए से कम राशि के प्रमाण पत्र ही दिए गए। 

ग्राम पंचायत परासी टुंडा की किसान ममता यादव पत्नी शिवराज सिंह यादव ने बताया कि उन्हें सबसे कम महज 1038 रुपए कर्जमाफी का सर्टिफिकेट दिया गया है। इससे पूरा परिवार हैरत में है। सरकार ने 2 लाख तक कर्जमाफी का वचन दिया है लेकिन अधिकारी उन्हें 1038 रुपए का प्रमाण पत्र देकर केवल रस्म अदायगी करना चाहते हैं। इसी प्रकार ग्राम बोरिया काजी के किसान नौसाज अली ने बताया कि उन्होंने 1 लाख 70 हजार रुपए का फसल ऋण लिया था लेकिन कार्यक्रम में उन्हें मात्र 1522 रुपए कर्जमाफी का प्रमाण पत्र थमाया गया है। कई अन्य किसानों ने भी अपनी पीड़ा बताते हुए कहा कि हमने अपने लोन को फसल बीमा के मुआवजे या अन्य किसी राशि को समायोजित भी नहीं कराया फिर भी उनका पूरा लोन माफ नहीं हुआ। 

21 किसानों को ही कर्जमाफी सर्टिफिकेट / 21 farmers as loan waiver certificates

विदिशा में 25106 किसानों की 80.32 करोड़ राशि की ऋणमाफी: जय किसान फसल ऋण माफी योजना के तहत विदिशा तहसील के 25106 किसानों को 80 करोड़ 32 लाख राशि के ऋण माफी प्रमाण पत्र प्रदान किए जाएंगे। पहले चरण में सोमवार को विदिशा तहसील के 65 गांवों के 8175 पात्रताधारी किसानों को ऋण माफी योग्य 50 हजार रुपए के ऋण माफ किए गए। मंच से केवल 21 किसानों को ही कर्जमाफी सर्टिफिकेट और सम्मान पत्र प्रदान किए गए। कार्यक्रम में विदिशा तहसील की सहकारी बैंक की 32 सहकारी समितियों 19 राष्ट्रीयकृत बैंकों और क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों से जुड़े किसान शामिल हुए। किसानों को 20 काउंटरों के माध्यम से प्रमाण पत्र दिए गए। 

किसानों ने क्या कहा

ग्राम परासी टुंडा की किसान ममता यादव और उनके पति शिवराजसिंह यादव ने बताया कि सहकारी बैंक की ठर्र शाखा से उन्होंने जून 2018 में 1 लाख 35 हजार का फ्रेश लोन लिया था। उन्होंने ठर्र सहकारी समिति से किसी प्रकार का खाद-बीज भी उधार में नहीं लिया है। फसल बीमा की कोई राशि भी खाते में नहीं आई है। इस कारण किसी उनके खाते में किसी प्रकार का कन वर्जन अथवा समायोजन भी नहीं हुआ है, फिर भी उन्हें केवल 1038 रुपए कर्जमाफी का प्रमाण पत्र दिया गया है। 

शिविर में लश्करपुर की किसान धनबाई पत्नी भवानीसिंह ने बताया कि उन्हें 1284 रुपए का प्रमाण पत्र दिया गया। इसी गांव की पुष्पाबाई कमल सिंह को 1155 रुपए, सुशीलाबाई भारतसिंह को 1207 रुपए, संतोष वल्द अवधबिहारी को 1191 रुपए, प्रहलाद सिंह वल्द विनयसिंह को 1611 रुपए, ओमप्रकाश आचार्य वल्द हरी नारायण आचार्य को 1181 रुपए का प्रमाण पत्र दिया गया। इसके अलावा दुलई गांव के हुकुम सिंह को 2125 रुपए, विनीता बाई को 2188 रुपए, कोलिंजा गांव के चंद्रपाल वल्द हमीरसिंह को 1358 रुपए गोपालसिंह रघुवंशी को 2773 रुपए, विकास वल्द गोपालसिंह को 1565 रुपए की कर्जमाफी का प्रमाण पत्र प्रदान किया गया है।