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BJP के बागी नेता रामकृष्ण कुसमरिया KAMAL NATH के संपर्क में | MP NEWS

05 February 2019

भोपाल। भाजपा से बगावत करके विधानसभा चुनाव लड़े वरिष्ठ नेता रामकृष्ण कुसमरिया अब कांग्रेस ज्वाइन कर सकते हैं। खबर आ रही है कि वो CM कमलनाथ के संपर्क में हैं। भोपाल में राहुल गांधी की सभा के दौरान कांग्रेस की सदस्यता ले सकते हैं। 

बताया जा रहा है कि रामकृष्ण कुसमरिया 8 फरवरी को कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की सभा में कांग्रेस की सदस्यता ले सकते हैं। रामकृष्ण कुसमरिया ने विधानसभा चुनावों में टिकट न मिलने पर नाराज होकर दो सीटों से निर्दलीय चुनाव लड़ा और दोनों सीट पर BJP हार गई। रामकृष्ण कुसमरिया इन दिनों कांग्रेस के संपर्क में हैं और मुख्यमंत्री कमलनाथ से मुलाकात कर चुके हैं। अगर ये मुलाकात कुछ रंग लाती है, तो बीजेपी को अपने गढ़ बुंदेलखंड में भारी नुकसान सहना पड़ सकता है, क्योंकि बुंदेलखंड की 4 लोकसभा सीट पर बीजेपी ने 2014 में चारों पर जीत हासिल की थी।

CM KAMALNATH से कब मिले थे Kusmariya

19 दिसम्बर 2018 दिन बुधवार को मुख्यमंत्री कमलनाथ के बंगले पर रामकृष्ण कुसमारिया और कमलनाथ की मुलाकात हुई थी। कमलनाथ के बंगले पर ये मुलाकात करीब 20 मिनट चली थी। इस मुलाकात के बाद ही कयास लगाए जा रहे थे कि बीजेपी की मौजूदा परिस्थितियों और कांग्रेस के लोकसभा के लक्ष्य रामकृष्ण कुसमारिया कांग्रेस में शामिल हो सकते हैं। 

बुंदेलखंड में BJP को अजेय यौद्धा थे Kusmariya

रामकृष्ण कुसमारिया बीजेपी के बड़े कुर्मी नेता हैं, बुंदेलखंड इलाके में वो कई बार अलग-अलग सीटों से लोकसभा और मप्र विधानसभा में बीजेपी का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। चाहे 2008 में परिसीमन के पहले की खजुराहो लोकसभा सीट हो या फिर दमोह, पन्ना लोकसभा सीट हो, दोनों सीटों से रामकृष्ण कुसमारिया लोकसभा पहुंचे हैं। वहीं विधानसभा चुनावों में दमोह जिले की हटा और पथरिया सीट से वो मप्र विधानसभा पहुंचकर कृषि मंत्री का पद कैबिनेट मंत्री के रूप में संभाल चुके हैं।

LODHI और KURMI बाहुल्य है इलाका

जहां तक बुंदेलखंड इलाके की बात करें तो ये इलाका लोधी और कुर्मी बाहुल्य इलाका है। खासकर बुंदेलखंड की दमोह संसदीय सीट की बात करें तो 2014 में यहां से बीजेपी ने प्रहलाद पटेल को उतारा था और लोधी होने के कारण लोधी बाहुल्य संसदीय सीट पर प्रहलाद पटेल ने बड़ी जीत हासिल की थी लेकिन 2018 मप्र विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने कारगर रणनीति अपनाते हुए दमोह संसदीय सीट की आठ विधानसभाओं में जमकर घुसपैठ की और लोधी नेताओं को चुनाव में उतारकर बीजेपी से तीन विधानसभा सीटें बड़ामलहरा, दमोह और बंडा सीट छीन ली। इन तीनों सीटों से कांग्रेस ने लोधी प्रत्याशियों को मैदान में उतारा था जो तीनों प्रत्याशी चुनाव जीत चुके हैं। अब कांग्रेस की नजर दमोह संसदीय सीट बीजेपी से छीनने पर हैं और रामकृष्ण कुसमारिया की कमलनाथ से मुलाकात के यहीं मायने निकाले जा रहे हैं।



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