मॉडिफाइड गाड़ियों का रजिस्ट्रेशन होगा या नहीं: पढ़िए सुप्रीम कोर्ट का आदेश

Advertisement

मॉडिफाइड गाड़ियों का रजिस्ट्रेशन होगा या नहीं: पढ़िए सुप्रीम कोर्ट का आदेश

नई दिल्ली। यदि आप अपने वाहन को स्पेशल बनाने के लिए उसका लुक चेंज करवाते हैं यानी उसे MODIFY (मॉडिफाइ) करवाते हैं तो आप ऐसा आसानी से कर सकते हैं परंतु तब आपकी गाड़ी का रजिस्ट्रेशन नहीं हो पाएगा। सुप्रीम कोर्ट ने फैसला दिया है कि इस तरह की गाड़ियां जिनके मॉडिफिकेशन के बाद उनका ओरीजनल लुक ही बदल जाए, का रजिस्ट्रेशन अवैध होगा। 

मंगलवार 08 जनवरी 2018 को सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस अरुण मिश्रा और जस्टिस विनीत सरन की बेंच ने केरल हाई कोर्ट के एक फैसले को पलट दिया। साथ ही फैसला दिया कि रजिस्ट्रेशन कराए जाने वाले वाहन का निर्माता कंपनी द्वारा दिए गए ऑरिजनल स्पेसिफिकेशन्स को पूरा करना जरूरी है, जैसा कि मोटर वाहन अधिनियम की धारा 52 (1) के तहत अनिवार्य है। 

बेंच ने कहा कि कार या अन्य वाहन पर पेंटिंग या फिटमेंट में मामूली बदलाव की वजह से कोई गाड़ी रजिस्टेशन के लिए अयोग्य नहीं होगी, लेकिन अगर गाड़ी की बॉडी या चेसिस के स्ट्रक्चर में कोई बदलाव हुआ है, तो उसका रजिस्ट्रेशन नहीं हो सकता है। 

फैसला सुनाते हुए जस्टिस मिश्रा ने कहा कि किसी वाहन के केवल प्रोटोटाइप (मूलरूप) की सड़क-योग्यता और सुरक्षा सुविधाओं के लिए टेस्टिंग की जाती है। इस वजह से कोई भी वाहन जो ऑरिजनल मैन्युफैक्चरर स्पेसिफिकेशन्स से मेल नहीं खाता है, उसके रजिस्ट्रेशन की अनुमति नहीं दी जा सकती है। 

सीएनजी किट वाली कारों को केंद्र सरकार से अनुमति 
इसके अलावा अदालत ने कहा कि यदि पुराने वाहन के इंजन को उसी कंपनी और उतनी ही क्षमता के नए इंजन से बदलना है, तो इसके लिए भी पहले रजिस्ट्रेशन अथॉरिटी से अनुमति लेनी होगी। ऐसा नहीं करने पर रजिस्ट्रेशन रद्द भी हो सकता है। हालांकि, कोर्ट ने यह साफ किया कि सीएनजी किट के साथ कारों की रेट्रोफिटमेंट को कानून के तहत केंद्र सरकार द्वारा अनुमति दी गई है, इसलिए यह संरचनात्मक परिवर्तन (स्ट्रक्चरल चेंज) के रूप में नहीं गिना जाएगा। 

रजिस्ट्रेशन के बाद मॉडिफाई की गई गाड़ियों का क्या होगा? 
इस फैसले का असर वाहनों को धांसू लुक में मॉडिफाई करने वाली कंपनियों पर पड़ेगा या नहीं, यह साफ नहीं हुआ है, क्योंकि सुप्रीम कोर्ट ने इन मामलों का जिक्र नहीं किया। रजिस्ट्रेशन के बाद मॉडिफाई की गई गाड़ियों का क्या होगा, इस पर सुप्रीम कोर्ट ने कुछ नहीं कहा है। हालांकि, इससे यह संकेत मिलता है कि ऐसी गाड़ियों का रजिस्ट्रेशन अवैध हो जाएगा और आरटीओ जांच के दौरान पकड़े जाने पर रद्द कर दिया जाएगा।