हम SPAKS PARTY के उद्देश्यों का मैसेज पहुंचाने में कामयाब रहे: हीरालाल त्रिवेदी | POLITICAL NEWS

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हम SPAKS PARTY के उद्देश्यों का मैसेज पहुंचाने में कामयाब रहे: हीरालाल त्रिवेदी | POLITICAL NEWS

भोपाल। मध्यप्रदेश के विधानसभा चुनाव 2018 में नोटा से भी कम वोट हासिल करने वाली सपाक्स पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष हीरालाल त्रिवेदी का कहना है कि हम सपाक्स पार्टी के उद्देश्यों का मैसेज जनता तक पहुंचाने में सफल रहे हैं। सपाक्स पार्टी के कार्यकर्ताओं के नाम एक खुले पत्र में हीरालाल त्रिवेदी ने लिखा है कि: इन परिणामों से निराश होने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि 2 अक्टूबर को पार्टी लांच होने के बाद 1 माह के भीतर संगठन खड़ा करना, उम्मीदवारों का चयन करना और चुनाव मैदान में जाना निश्चिती बहुत ही चैलेंजिंग काम था। पार्टी पंजीयन कार्य मे समाज से जुड़े कुछ लोगों ने ही आपत्ती लगाकर परेशानी खड़ी की, जिससे हमें अपना टाइम और एनर्जी उधर लगाना पड़ी। लगातार 1 सप्ताह की सुनवाई में उलझना पड़ा, अंततः 5 नवंबर को पंजीयन हो पाया।

जो भी चुनाव चिन्ह मांगा वह हमे नहीं मिला बल्कि दूसरे स्टेट को आवंटित होने के कारण भी परेशानी हुई। चुनाव चिन्ह न मिलने से भी पशोपेश की स्थिति रही। और चुनाव लड़ने के लिए उम्मीदवारों को 2 सप्ताह का समय भी नहीं मिला उन्हें दो दो बार चुनाव चिन्ह की तैयारी करना पड़ी और नुकसान उठाना पड़ा।

पार्टी पंजीयन के बाद भी कुछ लोगों ने हाईकोर्ट में याचिका दायर करपुनः व्यवधान उत्पन्न करने की कोशिश की और जनता में भ्रम फैलाया। अल्प समय में इन सभी समस्याओं से जूझने में समय और एनर्जी लगाने के बावजूद विधानसभा चुनाव में लगभग 110 स्थानों पर उम्मीदवार खड़े करना निश्चित ही बहुत बड़ा काम था, जिसमें हम सफल रहे, परंतु चुनाव के अंतिम दिनों में कुछ राजनीतिक दलों द्वारा इतनी अफवाह फैलाई गई की जनता में बहुत भ्रम फैला तथा हमारे पास मजबूत संगठन ना होने से हम अंतिम समय में उस भ्रम और अफवाहों को दूर नहीं कर सके।

प्रमुख राजनीतिक दलों ने इस चुनाव में जमकर धनबल अफवाहों और बाहुबल का उपयोग किया जबकि हम हमारे पास फण्ड की अत्यधिक कमी रही तथा उम्मीदवारों को स्वयं अपनी हैसियत के हिसाब से अपना खर्च करना पड़ा।

इन सब के बावजूद दोनों प्रमुख राजनीतिक दल के धनबल, बाहुबल और संगठन के सामने सपाक्स के उम्मीदवारों ने जिस ताकत के साथ चुनाव लड़ा उसकी जितनी सराहना की जाए काम है।

सपाक्स के उम्मीदवारों, उनके समर्थकों, सपाक्स पार्टी के कर्मठ पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं एवं सह्योगकर्ताओ ने जनता के बीच जाकर सपाक्स के जो मुद्दे जनता के बीच रखें वह सबसे महत्वपूर्ण है, क्योंकि संविधान लागू होने के 68 वर्षों में पहली बार इस प्रदेश के किसी चुनाव में आरक्षण में आई विकृति तथा एट्रोसिटी एक्ट के विरुद्ध मुद्दों को लेकर कोई राजनीतिक दल जनता के बीच गया और प्रदेश के चुनाव परिणामों को प्रभावित किया। इस प्रकार हम सपाक्स पार्टी के उद्देश्यों का मैसेज प्रदेश की जनता में देने में कामयाब रहे हैं। जनता के इस निर्णय को स्वीकार करते हैं।

आइये अब हम अपने संगठन का विस्तार करने और उसे मजबूत करने के लिए एकजुट होकर गम्भीर प्रयास करे तथा जनता के बीच अपनी और अपनी पार्टी की साख को बेहतर विकल्प के रूप में प्रस्तुत करें, हमे निश्चित सफलता प्राप्त होगी।