हत्यारे दोस्त की दगाबाजी: FILM STORY जैसी है कहानी, भोपाल और मंदसौर से कनेक्शन | SAVDHAAN INDIA

12 November 2018

भोपाल। शहर की झुग्गियों में गरीब बच्चों को जूडो की कोचिंग देने वाला एक कोच धोखाधड़ी का शिकार हो गया। उनके साथ जालसाजी करने वाला उनके कॉलेज का एक सीनियर दोस्त निकला, जिसे उन्होंने 15 साल पहले ट्यूशन पढ़ाने की नौकरी लगवाई थी लेकिन सीनियर ने उनके दस्तावेज (पहचान पत्र और डिग्री) हासिल कर एक नौकरी पा ली और उनके दस्तावेज से ही पासपोर्ट बनवाकर दो बार यूएसए भी घूम आया। 

कोच इस बात से अनजान थे, लेकिन जब अहमदाबाद क्राइम ब्रांच ने इस धोखेबाज दोस्त को पत्नी की हत्या के मामले में बीते अक्टूबर में गिरफ्तार किया तो पूरे फर्जीवाड़े का खुलासा हो गया। कोच की शिकायत पर आरोपित के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया है। धोखाधड़ी के शिकार हुए कोच भोपाल पुलिस में पदस्थ एक सीएसपी के पति हैं।

टीटी नगर टीआई आलोक श्रीवास्तव के मुताबिक प्रवीण भटेले (42) लालघाटी राजीव नगर कोहेफिजा में रहते हैं। वह जूडो के कोच हैं और गरीब बच्चों को कोचिंग देते हैं। उन्होंने जुलाई 1995 से दिसंबर 96 तक ग्वालियर के लक्ष्मीबाई शरीरिक शिक्षण संस्थान ग्वालियर में बैचलर ऑफ फिजिकल एजुकेशन की पढ़ाई की थी। उस दौरान उनके सीनियर तरुण जिनराज निवासी मंदसौर थे। कुछ पारिवारिक परेशानियों के कारण प्रवीण अपने कॉलेज को छोड़कर भोपाल आ गए थे। टीआई के मुताबिक कॉलेज छोड़ने के बाद प्रवीण भटेले का तरुण जिनराज से कोई संबंध नहीं रहा था, लेकिन 15 साल पहले तरुण अचानक प्रवीण के पास उनके केजी टावर जवाहर चौक स्थित आफिस पहुंच गया। वह नौकरी मांगने लगा था। इस पर प्रवीण ने उसे बच्चों को अंग्रेजी की टयूशन पढ़ाने की नौकरी लगवाई साथ ही खाने पीने का व्यवस्था कर दी लेकिन तरुण ने प्रवीण के दस्तावेज को स्कैन कर चुरा लिए। उसके बाद तरुण अन्य स्थान पर नौकरी लगने की बात कहकर चला गया था। बीते 25 अक्टूबर को प्रवीण को एक समाचार पत्र से तरुण के अहमदाबाद में गिरफ्तार होने की जानकारी मिली थी। तब उन्हें पता चला कि तरुण अपनी पत्नी की हत्या करने के बाद उनके पास आया था। इसके बाद जालसाजी कर उनके दस्तावेज चुरा लिए थे।

15 सालों से उनकी डिग्री पर कर रहा था नौकरी
15 साल पहले प्रवीण के दस्तावेज (पहचान पत्र और डिग्री) चुराने के बाद जालसाज तरुण एक कंपनी में नौकरी करने लगा था। इस दौरान उसने दूसरी शादी भी कर ली थी। प्रवीण के पहचान पत्र का उपयोग कर तरुण दो बार कंपनी की ओर से यूएसए भी घूम चुका है।

पत्नी की हत्या करने के बाद भोपाल आया था
15 साल पहले आरोपित तरुण जिनराज अपनी पत्नी की हत्या कर फरार हो गया था। अहमदाबाद पुलिस उसकी तलाश कर रही थी। तब तरुण भोपाल में फरारी काटने आया था। इसी दौरान उसने कोच के दस्तावेज के आधार पर अपनी नई पहचान बना ली थी। 30 अक्टूबर को अहमदाबाद क्राइम ब्रांच भी कोच से पूछताछ करने भोपाल आई थी। इस जालसाजी का पता चलने के बाद कोच ने एफआईआर दर्ज कराई। कोच की पत्नी बिट्टू भी पुलिस विभाग में पदस्थ है। उनकी वर्तमान पदस्थापना अयोध्या नगर में बतौर सीएसपी है।

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