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BHOPAL: मसूद के सवालों में घिर गए मम्मा बोले: एकाएक कोई चमत्कार नहीं हो सकता | BHOPAL NEWS

19 November 2018

भोपाल। दैनिक भास्कर के कार्यक्रम आमने-सामने में भाजपा प्रत्याशी सुरेंद्रनाथ सिंह (मम्मा) कांग्रेस के आरिफ मसूद के सवालों में बुरी तरह घिरे नजर आए। मसूद एक के बाद एक सवाल दागते गए और मम्मा कोई ठोस जवाब नहीं दे पाए। मम्मा को पता ही नहीं था कि उनके क्षेत्र की कितनी कालोनियों का हैंडओवर नहीं हुआ है। मसूद ने मम्मा को 'गुमठी माफिया' तक कह डाला। 

गुमठियों से चौथ वसूली पर कुछ नहीं बोल पाए

मसूद ने सवाल उठाया: मम्मा, आप गुमठी माफिया हो गए हैं। आपको गुमठी वालों की तो चिंता है, लेकिन शहरभर में गुमठियों से चौथ वसूली होती है, पर्चियां कटती हैं, इस पर क्या कहेंगे? खबरों में मैंने पढ़ा है कि आप गुमठी के लिए नगर निगम के कर्मचारियों से मारपीट तक कर देते हो, पर विधानसभा में आवाज नहीं उठाते। 

सुरेंद्रनाथ बोले: मुझे गुमठी माफिया कहना गलत है। मैंने किसी से मारपीट नहीं की। किसी गुमठी वाले की रोजी छिनेगी तो मैं तो लड़ूंगा, ये गलत है तो गलत ही सही। मैं ये नहीं कहता कि गुमठियां मत हटाओ, बस इतना कहता हूं कि पहले व्यवस्थापन करो, फिर हटाओ।


नागरिकों को स्वास्थ्य सेवाएं मिलें इसके लिए कुछ नही किया

मसूद ने स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर मम्मा को जमकर घेरा, उन्होंने पूछा: मम्मा आप एक भी बड़ा अस्पताल क्षेत्र में नहीं बनवा पाए, बना बनाया बेनजीर कॉलेज शिफ्ट हो गया, चिकलोद रोड सालों से खराब पड़ी है। कीचड़ से मंडी की हालत खराब है। 
सुरेंद्रनाथ ने कहा: एम्स भोपाल में बन चुका, हमीदिया है, भोपाल मेमोरियल, जेपी है और कितने अस्पताल चाहिए।
मसूद ने प्रतिप्रश्न किया: भोपाल मेमोरियल तो गैस पीड़ितों का है, जो अब बर्बाद है। एम्स के लिए आपने तो कुछ नहीं करा।
सुरेंद्रनाथ अपने काम नहीं गिना पाए, बोले: एकाएक कोई चमत्कार नहीं हो सकता आरिफ भाई। मध्य क्षेत्र भोपाल से बाहर तो है नहीं और भोपाल में अस्पताल बहुत हैं, नए की जरूरत ही नहीं हैं।

मसूद ने फिर घेरा, सुरेंद्रनाथ बोल्ड हो गए

बोले: यही तो बात है मम्मा। क्या आपको पता है कि कलेक्ट्रेट में कितने लोग इलाज के लिए कार्ड बनवाने के लिए रोज लाइन में लगे रहते हैं। लोग इलाज के अभाव में मर रहे हैं, सस्ता और अच्छा इलाज मिल ही नहीं रहा।
सुरेंद्रनाथ बोल्ड हो गए, बोले: आरिफ भाई, एकदम सबकुछ ठीक नहीं हो सकता। धीरे-धीरे होगा।
मसूद ने पूछा: आप बताओ, कब आपने विधानसभा में नए अस्पताल या नए कॉलेज की मांग उठाई हो। बने बनाए बेनजीर को आप शिफ्ट होने से नहीं रोक पाए।
सुरेंद्रनाथ ने कहा बेनजीर की शिफ्टिंग मैंने ही रुकवाई है, मैं प्रयास नहीं करता तो कुछ नहीं होता। संबल योजना में हम गरीबों को सीधे मदद पहुंचा रहे हैं।

कॉलोनियों का हैंडओवर, मम्मा बेखबर

मसूद ने कहा: सिर्फ कागजों पर ही बदलाव हुए हैं मम्मा, आपके प्रयास किसी काम के नहीं। बेनजीर तो शिफ्ट हो चुका है, नाम तक बदल गया, आप कुछ नहीं कर पाए। कॉलोनियां हैंडओवर नहीं होने से उन्हें निगम की सुविधाएं नहीं मिल रही हैं, आप कुछ नहीं करते? 
सुरेंद्रनाथ बोले: कौनसी कॉलोनी, मुझे तो नहीं पता। 
मसूद ने बताया: शाहपुरा की जी-1, जी-2, जी-3। तीन नाम तो मुझे ही पता है। 10 साल से कॉलोनी के लोग मांग कर रहे हैं। सफाई के लिए निजी कर्मचारी रखना पड़ते हैं।  

सुरेंद्रनाथ 60 साल का राग अलापने लगे

10 साल नहीं, 30 साल कहो। सारी समस्याओं के लिए मैं ही जिम्मेदार नहीं हूं। 60 साल तो आपकी पार्टी की सरकार रही है, क्यों नहीं हुए काम? मसूद ने कहा: 15 साल बहुत होते हैं आपके लिए, इतने में तो आप भी कर लेते?  



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