3000 वाली जैकेट 180 रुपए में, 1000 वाल स्वेटर 100 रुपए से भी कम | BUSINESS NEWS

20 November 2018

नई दिल्ली। लोग महंगाई की बात करते हैं। सदी के मौसम में वूलन के दाम आसमान छूते नजर आते हैं लेकिन क्या आप जानते हैं देश के कई शहरों में जो अच्छी क्वालिटी की वूलन जैकेट 3000 रुपए तक में मिलती है वो दिल्ली के थोक बाजार में 180 में बेची जाती है। इसी तरह 1000 रुपए तक वाले स्वेटर्स यहां 100 रुपए से भी कम में बेचे जाते हैं। दुकानदार यहां से माल लेजाकर कम से कम 10 गुना दाम बढ़ाकर बेचते हैं।

दिल्ली के गांधी नगर कपड़ों की 15 हजार से भी ज्यादा दुकानें हैं। यहां देशभर के रेडीमेड कपड़ा दुकानदार खरीददारी करने आते हैं। वो थोक में माल खरीदते हैं। एक शॉप कीपर के ओनर राकेश अरोड़ा बताते हैं कि होलसेल में अच्छी क्वालिटी का स्वेटर 100 रुपए और जैकेट 180 रुपए में मिल जाती है। यदि क्वालिटी कमजोर रहेगी तब कीमत भी कम हो जाएगी। इस मार्केट से बच्चें की जींस 35 रुपए में वहीं, फुल साइज जींस 80 रुपए में मिल जाती है।

इस वजह से सस्ते होते हैं कपड़े
राकेश ने बताया कि इस मार्केट में ज्यादातर शॉप कीपर्स खुद कपड़ों को तैयार करते हैं। जिसके चलते उन्हें ज्यादा मार्जिन मिलता है। यही वजह है कि अच्छी क्वालिटी के कपड़े भी सस्ते मिल जाते हैं। गांधी मार्केट के साथ चांदनी चौक, सरोजनी नगर, करोल बाग और शाहदरा में भी मिल जाते हैं।

लुधियाना का मार्केट
लुधिायाना के घुमर मंडी मार्केट और करीमपुरा बाजार में भी थोक वाले कपड़े मिलते हैं। यहां वुलन और पार्टीवेयर कपड़ों की 1000 से दुकानें हैं। इनकी कीमत पर 40 से 50 फीसदी तक डिस्काउंट मिल जाता है। इसके साथ इस मार्केट में बार्गेनिंग भी बहुत होती है। बता दें कि लुधियाना में गर्म कपड़े तैयार किए जाते हैं।

रिटेल में दाम 10 गुना बढ़ जाता है
अब बात करते हैं भारत के दूसरे छोटे शहरों की। यहां रिटेलर्स कम से कम 10 गुना दाम बढ़ाकर बेचते हैं। यदि ट्रांसपोर्टेशन और 25 प्रतिशत मुनाफा भी जोड़ दें तो 3000 वाली जैकेट 300 रुपए से ज्यादा की नहीं होनी चाहिए परंतु जो शहर दिल्ली से जितना ज्यादा दूर होता है, वहां उतने ही ज्यादा दाम बढ़ा दिए जाते हैं। 

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