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मप्र चुनाव 2018: भारतीय जनता पार्टी का घोषणा पत्र | ELECTION MANIFESTO OF MP BJP 2018

भोपाल। भारतीय जनता पार्टी ने आज अपना घोषणा पत्र जारी कर दिया। इस अवसर भारत सरकार के वित्तमंत्री अरुण जेटली मुख्य रूप से उपस्थित थे। घोषणाएं सीएम शिवराज सिंह चौहान ने कीं। उनके साथ नरेंद्र सिंह तोमर एवं प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह भी थे। पढ़िए क्या कहा सीएम शिवराज सिंह चौहान ने: 

हर साल 10 लाख रोजगार, स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के प्रयास हम करेंगे। युवा उद्यमियों को स्टार्ट अप की सुविधाएं उपलब्ध कराएंगे। नए इंडस्ट्रियल टाउनशिप स्थापित करेंगे। व्यापारी कल्याण कोष की स्थापना करने का लक्ष्य रखा।

महिलाओं के सशक्तिकरण में हमने कोई कसर नहीं छोड़ी है। इस बार हमने 'नारी शक्ति संकल्प पत्र' प्रस्तुत किया है जिसमें महिला सशक्तिकरण के लिए स्वसहायता समूहों, तेजस्विनी द्वारा स्वरोजगार को अभियान बनाया जाएगा।

नर्मदा एक्सप्रेस वे, चंबल एक्सप्रेस वे और औद्योगिक कॉरीडोर विकसित करने का लक्ष्य हमने निर्धारित किया है, बिजली की क्षमता को 14000 मेगावाट तक हम ले जाएंगे, मेट्रो प्रोजेक्ट प्रस्तावित है। ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल के लिए नलजल योजना। 

मूल्य स्थिरीकारण कोश जो पहले 500 करोड़ रुपये से आरंभ हुआ था इसे बढ़ा कर 2000  करोड़ करने का निर्णय हमने लिया ताकि। बाजार मूल्य गिरने की दशा में किसानों को लाभकारी मूल्य उन्हें मिल सके। सिंचाई का रकबा 80 लाख तक बढ़ाने का लक्ष्य है।

कृषक समृद्धि योजना हमने बनाई। लेकिन इस योजना से छोटे किसानों को लाभ नहीं मिल पाता, इसलिए छोटे किसान इस योजना के लाभ से वंचित ना रहें इसलिए हमने दृष्टि पत्र में तय किया कि किसानों केअनुपात के अनुसार उनके खाते में राशि डाली जाएगी।

वित्तमंत्री अरुण जेटली ने क्या कहा
एक युग कॉंग्रेस का था 1993 से 2003 का, जब काँग्रेस गई तो मध्यप्रदेश को बर्बाद और तबाह कर गई थी। लेकिन पिछले 15 सालों में शिवराज सिंह चौहान और भाजपा ने जो विकास किया, आज कोई नहीं कह सकता कि बीमारू में 'म' मध्यप्रदेश का था।

कॉंग्रेस शासनकाल में मध्यप्रदेश में जनता के जीवनस्तर को ऊंचा ऊठाने के लिए चर्चा नहीं होती थी। कॉंग्रेस के जाल से बाहर निकालने का प्रयास यदि किसी राज्य ने किया तो मध्यप्रदेश ने। आज की स्थिति में 10% आर्थिक विकास अकल्पनीय है।

लगातार 20% कृषि विकास दर हासिल करते हुए मप्र कृषि क्षेत्र में अग्रणी राज्य बन जाए यह कल्पना 2003 में नहीं की जा सकती थी। एक बीमारू राज्य को विकसित कर अन्य विकसित राज्यों की श्रेणी में लाने के लिए श्री शिवराज सिंह चौहान प्रशंसा के पात्र हैं।