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जैन दीपावली: किस दिशा में मुख करें, कलश किस धातु का हो, दीपक में तेल कौन सा

दीपावली का पूजन हर कोई पूरे विधि विधान से करना चाहता है। इसके लिए लोगों के मन में ढेर सारे सवाल होते हैं परंतु ज्यादातर पूजा विधियों में उन सवालों के जवाब नहीं होते। आचार्य अनेकांत सागर महाराज ने पुलक मंच परिवार द्वारा आयोजित ‘दीपावली कैसे मनाएं’ विषय पर बोलते हुए कुछ महत्वपूर्ण जानकारियां दीं। 

जैन समाज के लिए यह दिशा निर्देश दिए गए हैं: 
कार्तिक कृष्ण अमावस पर सुबह भगवान महावीर को मोक्ष पद की प्राप्ति हुई थी। 
दिवाली पर भगवान के सामने उत्तर दिशा की ओर मुख कर पूजा करनी चाहिए। 
यानि यजमान का मुख उत्तर की ओर और भगवान का मुख दक्षिण की ओर होना चाहिए। 

पूजन में कलश सोने-चांदी या मिट्टी का स्थापित करना चाहिए। 
दीपक में तिल व सरसों तेल डालना चाहिए। 
भगवान महावीर और सरस्वती का पूजन करें। 
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