कलेक्टर ने दिया इस्तीफा, विधानसभा चुनाव लड़ेंगे | bureaucracy in politics

रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजनीति में चौंकाने वाला घटनाक्रम हुआ है। 2005 बैच के आईएएस अफसर एवं राजधानी रायपुर के कलेक्टर ओपी चौधरी ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। बताया जा रहा है कि वो विधानसभा चुनाव लड़ने जा रहे हैं। जल्द ही भाजपा ज्वाइन करेंगे। 

कांग्रेस के उमेश पटेल को टक्कर देंगे ओपी चौधरी
खबर आ रही है कि केंद्रीय कार्मिक मंत्रालय ने उनका इस्तीफा मंजूर कर लिया है लेकिन अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हो पाई है। हालांकि छत्तीसगढ़ मंत्रालय में इस बात की चर्चा है कि मुख्य सचिव कार्यालय ने इस्तीफे पर अपनी मुहर लगाकर उसे केंद्रीय कार्मिक मंत्रालय को भेजा है। चर्चा है कि चौधरी बीजेपी के टिकट पर चुनाव लड़ेंगे। यहां उनका मुकाबला कांग्रेस के उमेश पटेल से होगा। बता दें कि उमेश पटेल राज्य के पूर्व गृहमंत्री नंदकुमार पटेल के बेटे हैं। छत्तीसगढ़ में साल के अंत में विधानसभा चुनाव होना है।

इस्तीफे को बेहद गोपनीय रखा गया था

बताया जा रहा है कि ओ पी चौधरी इसी हफ्ते दिल्ली या रायपुर में बीजेपी के बड़े नेताओं की मौजूदगी में पार्टी का दामन थामेंगे। उधर रायपुर कलेक्टर के बीजेपी प्रेम के सामने आने के बाद कांग्रेस ने उन्हें तत्काल कलेक्टर पद से हटाने की मांग की है। मंत्रालय सूत्रों के मुताबिक ओपी चौधरी ने 16 अगस्त को अपना इस्तीफा मुख्य सचिव अजय सिंह को सौंपा था। जिसके बाद मुख्य सचिव ने राज्य के मुख्यमंत्री रमन सिंह से इस बारे में चर्चा कर 17 अगस्त को उनका इस्तीफा केंद्रीय कार्मिक मंत्रालय को भेज दिया। इस पूरे मामले को बेहद गोपनीय रखा गया था। 

कलेक्टर रहते ही तैयारियां शुरू कर दीं थीं

हालांकि जिस तरह से खरसिया विधानसभा सीट पर ओ पी चौधरी दिलचस्पी ले रहे थे उससे अटकलें लगाई जा रही थी कि वो कभी भी बीजेपी का दामन थाम सकते हैं। सालभर पहले से ही उन्होंने इस विधानसभा सीट पर बेरोजगारों,  ग्रेजुएट और पोस्ट ग्रेजुएट छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं में पास होने का गुरु मंत्र देना शुरू किया था। कई जगह उन्होंने फ्री कोचिंग भी चलाई थी। इस तरह से उन्होंने नौजवानों को जोड़ने का काम शुरू किया। किसी को अंदाजा नहीं था कि वो इसके पीछे चुनावी तैयारियों में जुटे हैं। 

अमित शाह से भी हो चुकी है गोपनीय मुलाकात
यह भी बताया जा रहा है कि महीनेभर पहले दिल्ली में उनकी पार्टी अध्यक्ष अमित शाह से मुलाकात कराई गई थी। इस मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री रमन सिंह ने उनकी जीत का भरोसा पार्टी अध्यक्ष को दिलाया था। हालांकि न तो अभी ओपी चौधरी ने अपने इस्तीफे को लेकर अपना रुख साफ किया है और न ही सरकार ने उनके इस्तीफे की पुष्टि की है। बताया जाता है कि डीओपीटी के किसी अफसर ने ओपी चौधरी के इस्तीफे की खबर लीक की है। इसके बाद से अटकलों का दौर शुरू हो गया।

नए कलेक्टर की तलाश भी पूरी हो चुकी है
छत्तीसगढ़ मंत्रालय ने रायपुर कलेक्टर के लिए कुछ नए आईएएस अफसरों का नाम उछलने से ओपी चौधरी के इस्तीफे की अटकलें सच साबित होती नजर आ रही हैं। यह भी बताया जा रहा है कि एक दो दिनों में रायपुर के नए कलेक्टर के नाम की घोषणा हो जाएगी।
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