बेटी घर से भागी तो जज साहब ने रुकवा दी TRAIN

20 June 2018

INDORE: एक जज की नाबालिग बेटी मंगलवार सुबह घर से गायब हो गई। उसकी तलाश में जज परिजन, सहयोगियों और संयोगितागंज टीआई के साथ स्टेशन पहुंचे। रवाना हो रही इंदौर-पुरी हमसफर एक्सप्रेस को चेन खींचकर रुकवाया तो इंदौर से निकल चुकी मालवा और पेंचवैली एक्सप्रेस की रास्ते में तलाशी करवाई। आरपीएफ टीआई के साथ एक घंटे तक सीसीटीवी फुटेज खंगाले। फुटेज में बेटी के दिखने के पहले ही आरपीएफ जवानों ने उसे मालवा एक्सप्रेस के जनरल कोच में पहचान लिया और उज्जैन स्टेशन पर उतारकर परिजन के हवाले कर दिया।

जज को रिक्शा चालक से पता चला बेटी स्टेशन आई है
जज की बेटी सुबह लगभग साढ़े 11 बजे रेलवे स्टेशन पहुंची। यहां वह प्लेटफॉर्म चार से फुट ओवरब्रिज चढ़कर प्लेटफॉर्म 1 की ओर आई। यहां से उसने एक रिक्शा चालक सतीश वर्मा से मोबाइल मांगा और दोपहर 12.06 बजे दो फोन लगाए और चली गई। उसके जाने के बाद रिक्शा चालक को पुन: उसी नंबर से फोन आया। उस पर सारी जानकारी दी और रिक्शा वाले की लोकेशन पूछी। इसके बाद जज पूरी टीम के साथ स्टेशन पहुंच गए और रिक्शा चालक से बेटी के बारे में पूछताछ की। वहीं यह भी पता चला कि लकड़ी ने एक फोन किसी प्रीतम नामक युवक को लगाया था। 

पेंचवैली और मालवा एक्सप्रेस में आरपीएफ ने की सर्चिंग
जज जब आरपीएफ थाने में बैठकर सीसीटीवी के फुटेज देख रहे थे, तभी आरपीएफ टीआई यादव ने अपने जवानों को मालवा और पेंचवैली एक्सप्रेस में लड़की को तलाश करने के लिए रवाना कर दिया। इंदौर से उज्जैन के बीच दोनों चलती ट्रेनों की तलाशी ली गई।

इस दौरान आरपीएफ जवानों ने सूचना दी कि मालवा एक्सप्रेस देवास स्टेशन से रवाना हो चुकी है, उसके महिला कोच में लड़की मिल गई है। इधर, फुटेज में भी लड़की मालवा एक्सप्रेस के महिला कोच में चढ़ते हुए दिख गई। परिजन ने भी उसे पहचान लिया। इसके बाद उज्जैन आरपीएफ थाने को सूचना दी तो वहां उसे उतार लिया। जज का परिवार उज्जैन पहुंचा तो आरपीएफ ने लड़की उन्हें सौंप दी।

17 मिनट देर से रवाना हुई हमसफर एक्सप्रेस
दोपहर 12.40 बजे इंदौर-पुरी हमसफर एक्सप्रेस रवाना होने लगी तो थर्ड एसी कोच बी-7 में चेन पुलिंग हो गई। आरपीएफ टीआई जेआर यादव मौके पर पहुंचे तो जज और संयोगितागंज टीआई मंजू यादव वहां मिले। पता चला कि जज की 16 वर्षीय बेटी घर से गायब हो गई है, इसलिए चेन पुलिंग कर ट्रेन की तलाशी ली गई। लड़की तो नहीं मिली, लेकिन इसके चलते गाड़ी 17 मिनट देरी से जा सकी। घर से जाते समय जज की बेटी अपना मोबाइल नौकरानी को दे गई थी। नौकरानी ने परिजन को झूठ बोल दिया। पुलिस ने सख्ती से पूछा तो उसने सारी बात कबूली।

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