अध्यापक भोपाल में 24 जून को फिर करेंगे हल्ला बोल

18 June 2018

नैनपुर। राज्य अध्यापक संघ के प्रांतीय आह्वान पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की घोषणा एक विभाग एक केडर के क्रियान्वयन को लेकर 24 जून को अध्यापकों ने भोपाल में आर-पार के आन्दोलन के लिये कमर कस ली है। जिलाध्यक्ष डी के सिंगौर ने प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए बताया कि यदि मांगें पूरी नहीं हुई तो यह आन्दोलन 25 जून को आमरण अनशन में तब्दील हो जाएगा। इस बार के आन्दोलन को अध्यापकों ने करो या मरो का नारा देकर अपनी प्रतिबद्धता जाहिर की। भोपाल कूच करने की तैयारी को लेकर ब्लाक शाखा नैनपुर में बैठक आहूत की गई, जिसमें अध्यापकों का सैलाब उमड़ पड़ा। 

अध्यापकों के इरादे और हौसले को देखते हुए यह आन्दोलन बहुत निर्णायक साबित होगा। संघ के जिलाध्यक्ष डी के सिंगौर ने शिक्षा विभाग में संविलियन के लिए जारी संक्षेपिका को अध्यापकों के हित के विरुद्ध बताते हुए सरकार की साज़िश का पर्दाफाश किया। शासन द्वारा जारी संक्षेपिका में उल्लेखित प्रत्येक बिंदुओं की समीक्षा करते हुए बताया कि इसके अनुसार अध्यापकों का मूल शिक्षा विभाग में संविलियन न किया जाकर शिक्षा विभाग के अधीनस्थ राज्य शिक्षा सेवा में नियुक्ति की जा रही है जिससे अब तक की पूरी सेवा शून्य हो जाएगी। संक्षेपिका में सेवा शर्तों का कोई उल्लेख  नहीं है कि सेवा शर्तें किन कर्मचरियों के समान होंगी। 

अध्यापकों को राज्य शिक्षा सेवा में आने के लिए विकल्प भरकर देना होगा, विकल्प दे देने पर अध्यापक अपने अधिकार के लिए न्यायालय में लड़ाई भी नहीं लड़ सकेंगे। विभाग में नियुक्ति होने पर ग्रेच्युटी में भारी नुक़सान होगा, जो अध्यापक निकट भविष्य में सेवानिवृत्त होने की कगार पर है, उन्हें ग्रेच्युटी का कोई लाभ नहीं मिलेगा। अध्यापकों को सहायक शिक्षक, शिक्षक और व्याख्याता  पदनाम के स्थान पर प्राथमिक शिक्षक, माध्यमिक शिक्षक और उच्च माध्यमिक शिक्षक के पद पर नियुक्त किया जा रहा है, जिसमें इनसे दोयम दर्जे का व्यवहार पूर्वत जारी  रहेगा। पदोन्नति परीक्षा के आधार पर होगी। सातवां वेतन जनवरी 2016 के स्थान पर जुलाई 2018 से ढ़ाई वर्ष बाद भारी आर्थिक नुकसान के साथ देय होगा। सातवें वेतन की गणना कैसे होगी, यह स्पष्ट नहीं है। ट्रायबल के अध्यापकों को परियोजना भत्ता की पात्रता नहीं होगी। इस प्रकार भारी विसंगतियों के साथ नये सिरे से नियुक्ति की जा रही है।

बैठक में उक्त विसंगतियों को लेकर अध्यापकों में गहरा असंतोष देखा गया। इस असंतोष को व्यक्त करने भारी संख्या में अध्यापक 23 जून की शाम को भोपाल के लिए कूच करेंगे। अध्यापकों ने प्रण किया है कि एक विभाग एक केडर की मांग को पूरा कराने में जी-जान लगा देंगे। राज्य अध्यापक संघ के प्रांताध्यक्ष जगदीश यादव के आमरण अनशन के साथ कई अध्यापकों ने आमरण अनशन करने की इच्छा व्यक्त की, जिसमें जिलाध्यक्ष डी के सिंगौर एवं नैनपुर ब्लाक अध्यक्ष संजीव सोनी सहित कई अध्यापक आमरण अनशन में बैठेंगे। बैठक में उपाध्यक्ष श्याम बैरागी ने गुरूजियों की वरिष्ठता की बात जोर शोर से उठाई , जिसकी रणनीति तैयार कर जिलाध्यक्ष डी के सिंगौर ने वरिष्ठता का रास्ता सुझाते हुए तुरंत प्रांताध्यक्ष से चर्चा की। बैठक का संचालन अमर सिंह चंदेला ने किया और श्याम बैरागी, अहमद खान, मुकेश सोलंकी, हरिओम सिरोठिया, आशीष तिवारी,  संजीव सोनी ने अपने विचार रखे और इस करो या मरो के अंतिम आन्दोलन में शामिल होने 24 जून को अधिक से अधिक संख्या में भोपाल चलने का आह्वान किया।

आज की बैठक में प्रकाश सिंगौर, सुनील नामदेव, सुरेश श्रीवास्तव, उमाशंकर तिवारी, मुरली मनोहर कौशल, रेवा भलावी, नफीस खान, रविंद्र वैष्य, हरिओम सिरोठिया, पतिराम डिबरिया, विनीत नामदेव, दिलीप जैन, मुकेश ठाकुर, डी एल यादव, अनुपमा तिवारी, रश्मि मरावी, राधा उइके, गोमती खमिया, पार्वती झारिया, भागचंद मरावी, संतोष पुरी गोस्वामी, हिम्मत मरकाम, महेश तिवारी, संजीव पारधी, बाबू लाल पटेल, यशवंत धुर्वे, सुधीर सोनी, सतीश सिंगौर, अमित वासनिक, प्रेम लाल उइके, राहुल गनवीर, सुनील परते, अजीत धुर्वे, भूनेश्वर धूमकेतु, सादिक खान, राकेश वरकड़े, गणेश ठाकुर, जगदीश सनोडिया आदि उपस्थित हुए।
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