बिना नतीजे के अध्यापकों का अनशन समाप्त

26 June 2018

भोपाल। राज्य अध्यापक संघ के प्रांताध्यक्ष जगदीश यादव ने हुंकार भरते हुए आमरण अनशन शुरू किया था परंतु वो अपने हठ पर 2 दिन भी नहीं टिक पाए। वही पुराना 94 वाला शिक्षा विभाग की मांग लेकर भोपाल आए राज्य अध्यापक संघ के नेता 'राज्य शिक्षा सेवा' लेकर वापस लौट गए। कुल मिलाकर अध्यापकों का अनशन एक मजाक बनकर रह गया। इससे पहले सोशल मीडिया पर जगदीश यादव के अनशन को लगातार ट्रोल किया जा रहा था। अध्यापकों ने जगदीश यादव की नीति और नियत पर भी सवाल उठाए थे। दावे किए गए थे कि जगदीश यादव नतीजे तक अनशन पर बैठने का साहस नहीं दिखा पाएंग और ऐसा ही हुआ। 

राज्य अध्यापक संघ की ओर से जारी प्रेस रिलीज के अनुसार दिनांक 24 जून से अध्यापक आंदोलन मध्यप्रदेश के तहत राज्य अध्यापक संघ द्वारा आयोजित विधानसभा घेराव, धरना प्रदर्शन व 25 जून से आमरण अनशन के फलस्वरूप अध्यापक संवर्ग के समान कैडर के पदों पर शिक्षा विभाग में संविलियन, जनवरी 2016 से सांतवे वेतनमान का लाभ, p/s, m/s एवं trival में कार्यरत अध्यापक संवर्ग के स्थान्तरण, गुरुजी संम्वर्ग की वरिष्ठता सहित विभिन्न महत्वपूर्ण मुद्दों पर आज प्रांताध्यक्ष श्री जगदीश यादव के नेतृव में महिला मोर्चा प्रांत प्रमुख सुश्री सुषमा खेमसरा, जिला संयोजक जबलपुर श्री नरेन्द्र त्रिपाठी व जिला संयोजक मंडला श्री डी. के. सिंगोर की उपस्थिति में संघ के संरक्षक माननीय श्री मुरलीधर जी पाटीदार व किसान मजदूर कर्मचारी समन्वयक चौधरी दर्शन सिंह की मध्यस्थता में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह से सकारात्मक एवं महत्वपूर्ण चर्चा हुई जिसमें माननीय मुख्यमंत्री महोदय एवं वर्णवाल जी ने -

1. अध्यापक संवर्ग के शिक्षा विभाग में संविलियन पर नियुक्ति दिनांक से वरिष्ठता प्रदान किये जाने पर सहमति व्यक्त की।
2. अध्यापक संवर्ग को राज्य कर्मचारी का दर्जा प्रदान कर राज्य कर्मचारियों के समान समस्त सुविधाएं प्रदान करने पर सहमति व्यक्त की। 
3. अध्यापक संवर्ग की अनुकम्पा नियुक्ति मामले में नियमों में शिथिलता किये जाने पर सहमति बनी।
4. प्राथमिक , माध्यमिक एवं ट्रायवल में कार्यरत अध्यापक संवर्ग के स्थान्तण पर लगी विभागीय रोक हटाकर यथाशीघ्र स्थानांतरण आदेश जारी किए जाने हेतु सहमति व्यक्त की।
साथ ही अध्यापक संवर्ग के समान कैडर के पदों पर संविलियन व जनवरी 2016 से सांतवें वेतनमान के लाभ पर हुई चर्चा अनुसार - 

समान कैडर के पदों पर संविलियन के मुद्दे पर हुई चर्चा में माननीय मुख्यमंत्री जी ने वरिष्ठ शिक्षकों की आपत्ति की बात करते हुए उनसे चर्चा करने की बात कही तो प्रतिनिधि मंडल ने कहा कि जब आप राज्य शिक्षा सेवा आयोग का गठन कर संविलियन कर रहे हैं तो पदनाम सहायक शिक्षक (rss), शिक्षक (rss) एवं व्याख्याता (rss) के तहत संविलियन किया जाए अन्यथा जब आपने ही अध्यापक संम्वर्ग का गठन किया है तो अध्यापक पदनाम रखते हुए ही इन्ही पदनामों पर समस्त सुविधाओं के साथ राज्य कर्मचारी के दर्जा सहित संविलियन किया जाए। माननीय मुख्यमंत्री जी ने इस सुझावों पर गम्भीरतपुर्वक विचार कर निर्णय लेने के आग्रह को नकारा भी नही और सहमति भी व्यक्त नही की। 

जनवरी 2016 से सांतवे वेतनमान के मुद्दे को नकरते हुए सांतवा वेतनमान जुलाई 2018 से ही प्रदाय किये जाने की बात मुख्यमंत्री जी ने दोहरायी। साथ ही गुरुजी संम्वर्ग को वरिष्ठता के साथ संविलियन करने पर विचार कर निर्णय लिए जाने की बात कही।

प्रतिनिधि मंडल ने सकारात्मक चर्चा उपरान्त अनशन स्थल आकर उपस्थित समस्त पदाधिकारियों व सहयोगी साथियों से गहन विचार विमर्श किया तदुपरांत सभी की आम सहमति से माननीय मुख्यमंत्री जी एवं श्री वर्णवाल जी से हुई सकारात्मक चर्चा अनुसार धरना प्रदर्शन एवं आमरण अनशन समाप्ति का निर्णय कर अध्यापक आंदोलन मध्यप्रदेश समाप्त किये जाने की घोषणा की गयी। आज आमरण अनशन एवं धरना प्रदर्शन में शासकीय अध्यापक संघ के प्रांताध्यक्ष श्री आरिफ अंजुम जी एवं अध्यापक कॉन्ग्रेस के प्रांताध्यक्ष श्री राकेश नायक जी की भी महत्वपूर्ण उपस्थिति रही।  इसी तरह की खबरें नियमित रूप से पढ़ने के लिए MOBILE APP DOWNLOAD करने के लिए (यहां क्लिक करेंया फिर प्ले स्टोर में सर्च करें bhopalsamachar.com

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