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अब बिना राजनीतिक सिफारिश के लिए मिलेंगे पेट्रोल पंप, 25000 नए पंप खुलेंगे

नई दिल्ली। भारत सरकार की पेटोलियम कंपनियां 25000 नए पेट्रोल पंप खोलने जा रहीं हैं। इस बार सबसे अच्छी बात यह है कि यदि आप भी अपना पंप खोलना चाहते हैं तो इसके लिए आपको राजनीतिक सिफारिश की जरूरत नहीं पड़ेगी। इससे पहले तक पेट्रोल पंप के लिए बड़ी सिफारिश की जरूरत होती थी। बिना राजनीतिक दखल के किसी को पंप नहीं मिलता था। अब सरकारी पेट्रोलियम कंपनियों ने देश भर में 25,000 नए पेट्रोल पंप खोलने की योजना बनाई है। पेट्रोलियम मिनिस्ट्री ने पेट्रोल पंप डीलरों की नियुक्ति पर सरकारी पॉलिसी को भी रद्द कर दिया है। इससे सरकारी पेट्रोलियम कंपनियों- इंडियन ऑइल, हिंदुस्तान पेट्रोलियम और भारत पेट्रोलियम को पेट्रोल पंप खोलने के लिए अपने नियम बनाने की छूट मिलेगी। 

मिनिस्ट्री ने नए पेट्रोल पंप डीलरों की नियुक्ति के लिए पिछले महीने कंपनियों को अपनी गाइडलाइंस तैयार करने की अनुमति दी थी। इन कंपनियों ने सरकार से कहा था कि पेट्रोल और डीजल के रिटेल प्राइस पर सरकारी नियंत्रण हटने के बाद डीलरों की नियुक्ति के लिए सरकार की गाइडलाइन की जरूरत नहीं रह गई। इन कंपनियों ने अपनी गाइडलाइंस तैयार कर ली हैं और इन्हीं के अनुसार नए डीलर नियुक्त किए जाएंगे। 

ये तीनों कंपनियां एक महीने में विज्ञापन देकर 25,000 स्थानों पर पेट्रोल पंप खोलने के लिए आवेदन मंगाएगी। इनमें से अधिकतर पेट्रोल पंप ग्रामीण इलाकों में होंगे। सरकारी पेट्रोलियम कंपनियां अभी लगभग 57,000 और प्राइवेट कंपनियां करीब 6,000 पेट्रोल पंप चलाती हैं। यह तय नहीं है कि विज्ञापन में दिए गए सभी स्थानों के लिए आवेदन मिलेंगे या वहां पेट्रोल पंप खुलेगा। लेकिन इसमें सफलता की दर 50 पर्सेंट रहने पर भी फ्यूल रिटेलिंग बिजनस में हजारों करोड़ रुपये का इनवेस्टमेंट होगा, हजारों लोगों को रोजगार मिलेगा और फ्यूल रिटेलिंग में सरकारी कंपनियों का दबदबा बढ़ेगा। अभी इस बिजनेस के 90 पर्सेंट से अधिक हिस्से पर इन कंपनियों का नियंत्रण है। नए पेट्रोल पंप खुलने से इक्विपमेंट सप्लायर्स, ट्रांसपोर्टर्स और टैंकर मैन्युफैक्चरर्स का कारोबार भी बढ़ेगा। पिछले कुछ समय से रिलायंस-बीपी, शेल और रोजनेफ्ट के इनवेस्टमेंट वाली नयारा एनर्जी भी अपना रिटेल नेटवर्क बढ़ा रही हैं। 

नियम हुए आसान 
सरकारी पेट्रोलियम कंपनियां लगभग चार वर्ष के बाद नए डीलरों की नियुक्ति कर रही हैं। अधिकारियों ने बताया कि नई गाइडलाइंस में समाज के पिछड़े वर्गों के लिए आरक्षण के नियमों का पालन किया जाएगा, लेकिन पेट्रोलियम कंपनियों को डीलरों की नियुक्ति में छूट मिलेगी। 

नई गाइडलाइंस में आवेनदकर्ता के पास फंड की जरूरत को समाप्त किया गया है और जमीन के मालिकाना हक को लेकर नियमों में छूट दी गई है। पिछली पॉलिसी में रेगुलर फ्यूल आउटलेट खोलने के लिए आवेदनकर्ता के पास बैंक डिपॉजिट या अन्य फाइनैंशल इंस्ट्रूमेंट्स में 25 लाख रुपये और ग्रामीण क्षेत्रों में आउटलेट के लिए 12 लाख रुपये होना जरूरी था। 

अब जमीन पर मालिकाना हक न रखने वाले लोग भी जमीन मालिक के साथ टाई-अप कर डीलरशिप के लिए आवेदन कर सकेंगे। पेट्रोल पंप डीलर चुनने की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होगी। आवेदनकर्ताओं में से विजेताओं को ऑनलाइन ड्रॉ के जरिए चुना जाएगा। 
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