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उमा भारती ने आर्थिक आधार पर आरक्षण का समर्थन किया

बैतूल। आरक्षण विवाद में उमा भारती भी कूद गईं हैं लेकिन बड़ी ही चतुराई के साथ उन्होंने खुद को सुरक्षित भी किया। बैतूल में आयोजित एक निजी कार्यक्रम में बोलते हुए उन्होंने कहा कि समाज में पूरी तरह से समानता आते तक आरक्षण जारी रहेगा। इसके लिए भले ही हजार साल लग जाएं, तब तक आरक्षण लागू रहेगा। यहां उमा भारती ने जाति आधारित आरक्षण और आर्थिक आधार पर आरक्षण को लेकर कुछ नहीं बोला। बता दें कि देश भर में आर्थिक आधार पर आरक्षण की मांग चल रही है। उमा भारती का यह बयान आर्थिक आधार पर आरक्षण की मांग का समर्थन करता है। 

गुरुवार को केंद्रीय पेयजल एवं स्वच्छता मंत्री उमा भारती केसर बाग में कर सलाहकार व पूर्व नगर सुधार न्यास अध्यक्ष राजीव खंडेलवाल की पुस्तक के विमोचन समारोह में बतौर मुख्य अतिथि पर बैतूल पहुंची थी। जहां उन्होंने अपने भाषण में एक बार फिर आरक्षण का मुद्दा उठाया और कहा कि आरक्षण को खत्म करने को लेकर ना तो कभी प्रधानमंत्री मोदी ने कहा और ना ही सर्वोच्च न्यायालय द्वारा कहा गया है। अब समझ नही आता ये बात आई तो आई कहां से।

उमा भरती यही नही रुकी और उन्होंने आगे कहा कि हमारे देश में समाज विषमताओं से भरा है। जहां समाज में विषमता रहती है वहां विशेष अवसर प्रदान करने पड़ते हैं। समाज में पूरी तरह से समानता आते तक आरक्षण जारी रहेगा। इसके लिए भले ही हजार साल लग जाएं, तब तक आरक्षण लागू रहेगा। यह देश चूंकि विषमतायुक्त समाज वाला देश हैं, इसलिए यहां समानता के साथ नहीं रह सकते। ऐसे में हमें पिछड़े, शोषित वर्ग के लोगों को विशेष अवसर देने होंगे।