कमलनाथ-शिवराज की दोस्ती के कारण जनता के लुट गए 585 करोड़ | MP NEWS

Friday, April 27, 2018

भोपाल। कमलनाथ अक्सर कहते हैं कि वो सबसे संबंध बनाकर चलने वाले व्यक्ति हैं। उन पर आरोप लगते हैं कि वो मूलत: उद्योग​पति हैं। राजनीति जनसेवा के लिए नहीं बल्कि अपने परिवार से जुड़े उद्योगों को लाभ पहुंचाने के लिए करते हैं। सब जानते हैं कि कमलनाथ का परिवार 23 प्रतिष्ठित कंपनियों का मालिक है। अब एक नया खुलासा हुआ है। आम आदमी पार्टी ने आरोप लगाया है कि कमलनाथ के कारण शिवराज सिंह सरकार ने MB POWER (MADHYA PRADESH) LIMITED के साथ नियम विरुद्ध समझौता किया। बाजार में सस्ती मिल रही बिजली महंगे दामों पर खरीदी जिससे जनता को 585 करोड़ का नुक्सान हुआ। 

आम आदमी पार्टी के प्रदेश संयोजक और राष्ट्रीय प्रवक्ता श्री आलोक अग्रवाल ने प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि अनूपपुर में बन रहे MB POWER (MADHYA PRADESH) LIMITED की परियोजना के संबंध में सामने आए तथ्यों से साफ है कि इस परियोजना के संबंध में शिवराज सरकार द्वारा गैरकानूनी समझौता किया गया, जिसके कारण गत तीन वर्षों में मध्य प्रदेश की जनता को 585 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ। 

MB POWER से कमलनाथ के परिवार का संबंध
उन्होंने कहा कि चौंकाने वाला तथ्य यह है कि इस कंपनी का संबंध कांग्रेस के नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष श्री कमलनाथ जी के परिवार से है और शायद यही कारण है कि श्री कमलनाथ ने सन 2011 में कंपनी बनने के बाद पिछले 7 साल में कभी भी इस गैरकानूनी समझौते के बारे में आवाज नहीं उठाई है। इससे साफ होता है कि प्रदेश में बिजली की हो रही लूट में भाजपा और कांग्रेस साझीदार हैं।

MB POWER में शेयर होल्डर हैं कमलनाथ, भांजा है डायरेक्टर 
एमबी पॉवर कंपनी, मोजरबियर कंपनी द्वारा विशेष रूप से बनाई गई कंपनी है। मोजरबियर कंपनी में श्री कमलनाथ के जीजा दीपक पुरी चैयरमैन हैं और उनकी बहन नीता पुरी और उनके भांजे रातुल पुरी भी कंपनी में शामिल हैं। साथ ही कमलनाथ जी के भांजे रातुल पुरी एमबी पॉवर के डॉयरेक्टर हैं। मोजरवियर कंपनी में कमलनाथ जी खुद भी शेयरधारक हैं। कमलनाथ जी के चुनाव आयोग में सन 2014 दिए गए शपथ पत्र के अनुसार कंपनी में उनके 6450 शेयर हैं। अत: स्पष्ट रूप है कि कमलनाथ जी के परिवार का एमबी पॉवर से सीधा संबंध है और शायद यही कारण है कि श्री कमलनाथ ने पिछले 7 साल में कभी इस गैरकानूनी और प्रदेश की जनता को लूटने वाले समझौते का विरोध नहीं किया।

नियम विरुद्ध क्या हुआ
एमबी पॉवर लिमिटेड कंपनी से राज्य सरकार का 5 जनवरी 2011 में समझौता हुआ। केंद्र सरकार की 6 जनवरी 2006 की टैरिफ पॉलिसी के अनुसार कोई भी समझौता केवल प्रतिस्पर्धात्मक निविदा के माध्यम से ही हो सकता था परंतु राज्य सरकार ने इस नियम का खुला उल्लंघन करते हुए एमबी पॉवर लिमिटेड के साथ सीधा समझौता किया। 

समझौता पर साइन करने वाला अधिकारी पद पर ही नहीं था
दूसरा गंभीर मुद्दा यह है कि 5 जनवरी 2011 को समझौता करने वाले मुख्य अभियंता श्री गजरा मेहता उक्त तिथि को उस पद पर पदस्थ ही नहीं थे। दस्तावेजों से साफ है कि उनकी उक्त पद पर पदस्थापना 31 जनवरी 2011 को हुई है। अत: निश्चित रूप से यह समझौता गैरकानूनी था और इसके कारण 2015 से 2018 के बीच इस परियोजना की बिजली महंगी होने के कारण मध्य प्रदेश की जनता को 584 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ।

आम आदमी पार्टी के सवाल-
1- क्या शिवराज सिंह जवाब देंगे कि क्यों 6 जनवरी 2006 के केंद्र सरकार के प्रतिस्पर्धात्मक निविदा के नियमों का उल्लंघन करते हुए 5 जनवरी 2011 को एमबी पॉवर के साथ सीधा समझौता किया गया? 
2- क्या शिवराज सिंह जवाब देंगे कि यह कैसे हो गया कि अधिकारी श्री गजरा मेहता संबंधित पद पर थे ही नहीं, फिर कैसे उन्होंने कानूनी समझौते पर हस्ताक्षर किए?
3- क्या कमलनाथ जी जवाब देंगे कि उन्होंने पिछले 7 सालों में इस गैरकानूनी और जनविरोधी समझौते का विरोध क्यों नहीं किया? 
4- क्या कमलनाथ जी यह बताएंगे कि उनके और उनके परिवार के महंगी बिजली द्वारा जनता का पैसा लूटने वाली इस कंपनी के क्या संबंध हैं? 
5- क्या इस कंपनी के बारे में इतना खुलासा होने के बाद कमलनाथ जी इस कंपनी के साथ हुए समझौते को रद्द करने की मांग करेंगे?

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