कोलाकाता को 2 बार खिताब दिलाने वाले गंभीर दिल्ली के साथ फेल क्यों हुए | SPORTS NEWS

25 April 2018

नई दिल्ली। इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में दिल्ली डेयरडेविल्स के लगातार खराब प्रदर्शन के बाद बुधवार को गौतम गंभीर (36 साल) ने कप्तानी से इस्तीफा दे दिया। साथ ही उन्होंने पूरी सेलरी 2.8 करोड़ रुपये नहीं लेने का फैसला किया है। आईपीएल के इतिहास में संभवत: यह पहला मौका होगा जब किसी कप्तान ने अच्छा प्रदर्शन नहीं करने के कारण पूरी सेलरी छोड़ी है।

आईपीएल-11 में दिल्ली की टीम ने अब तक 6 मैच खेले हैं, लेकिन इनमें से उसे सिर्फ 1 में ही जीत मिली है। वह 2 अंक के साथ सबसे नीचे आठवें पायदान पर है। सवाल यह है कि इसी आईपीएल में कोलकाता को 2 बार खिताब दिलाने वाले गौतम गंभीर आखिर क्यों दिल्ली के साथ नहीं चल पाए। क्या कुछ ऐसा था जो उन्हे खुलकर कुछ करने से रोक रहा था। आइए जानने की कोशिश करते हैं पर्दे के पीछे की कहानी: 

इसी साल संभाली थी कप्तानी
गंभीर आईपीएल-3 तक दिल्ली डेयरडेविल्स की टीम का हिस्सा रहे। इसके बाद 2011 में वे कोलकाता नाइटराइडर्स के कप्तान बने। उन्हें इसी साल दिल्ली का कप्ताना बनाया गया था। गंभीर ने कहा, "यह मेरा फैसला है। मैं टीम को पर्याप्त योगदान नहीं दे पाया। शिप का लीडर होने के नाते मुझे जिम्मेदारी लेनी होगी। मुझे लगता है कि ये सही वक्त है। गंभीर के अनुसार, "हो सकता है कि मैं चीजों को बदलने के लिए बहुत ज्यादा उत्साहित था, लेकिन ये उस तरीके से नहीं हो सकीं। ये वजह हो सकती है। मैं दबाव नहीं झेल पा रहा था और जब आप ऐसा नहीं कर पाते हैं तो एक कप्तान के तौर पर आपको जिम्मेदारी लेनी पड़ती है।

गंभीर ने बताया, "कोटला में किंग्स इलेवन पंजाब के हाथों हार के बाद ही मैंने कप्तानी छोड़ने के बारे में सोचना शुरू कर दिया था। मैं खुद भी अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पा रहा हूं। मैंने गंभीरतापूर्वक विचार किया और पाया कि मैं दबाव झेल नहीं पा रहा हूं।

मेरे ऊपर कप्तानी छोड़ने का दबाव नहीं था : गंभीर
आईपीएल शुरू होने के पहले गंभीर और दिल्ली डेयरडेविल्स के कोच रिकी पोंटिंग ने कहा था कि यह सीजन बढ़िया रहेगा। हालांकि 6 मैच होने के बाद भी कुछ खास नहीं हुआ। गंभीर ने स्पष्ट किया कि उनके ऊपर कप्तानी छोड़ने का कोई दबाव नहीं था। यह मेरा निजी फैसला था। गंभीर ने आईपीएल के इस सीजन के पहले मैच में 55 रन बनाए थे। इसके बाद की पांच मैच मैच में वे अफसल ही रहे हैं।

गंभीर के लिए उनका उनका सम्मान सबसे ऊपर

मामले से जुड़े एक शख्स ने नाम न जाहिर करने की शर्त पर बताया, "गौतम ने फैसला किया है कि वे इस सीजन की पूरी सेलरी नहीं लेंगे। आईपीएल के बाकी बचे मैच में वे दिल्ली डेयरडेविल्स की ओर से मुफ्त में खेलेंगे। उन्होंने कहा, "गौतम उन लोगों में से हैं, जिनके लिए उनका सम्मान सबसे ऊपर है। वे एक स्वाभिमानी खिलाड़ी हैं। वे एक भी पैसा नहीं लेंगे। यह उनका निजी फैसला है। वास्तव में, वे किंग्स इलेवन पंजाब के साथ हुए मुकाबले के बाद ही कप्तानी छोड़ना चाहते थे।

कोलकाता को दो बार बनाया था चैम्पियन
गंभीर ने 2011 में कोलकाता नाइटराइडर्स की कप्तानी संभाली थी। वे लगातार 7 साल तक टीम के कप्तान रहे। उनकी अगुआई में टीम 2 बार फाइनल में पहुंची और दोनों बार खिताब जीता।

दिल्ली से खेलने की जताई थी इच्छा
कोलकाता की 7 साल कप्तानी करने के बाद उन्हेंं इस साल टीम ने रिटेन नहीं किया था। इसके बाद कोलकाता टीम मैनेजमेंट ने बताया था कि गंभीर ने खुद ही टीम में रिटेन होने से मना किया था। गंभीर ने कहा था कि अब वे अपनी होम टीम दिल्ली से खेलना चाहते हैं। बता दें कि गंभीर मूल रूप से दिल्ली के रहने वाले हैं। उन्होंने कई साल तक दिल्ली रणजी टीम का नेतृत्व भी किया है।

दिल्ली डेयरडेविल्स 6 में से सिर्फ 1 मैच जीता
पहला किंग्स इलेवन पंजाब 6 विकेट से जीता
दूसरा राजस्थान रॉयल्स 10 विकेट से जीता (डकवर्थ लुईस)
तीसरा दिल्ली डेयरडेविल्स 7 विकेट से जीता
चौथा कोलकाता नाइटराइडर्स 71 रन से जीता
पांचवां रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु 6 विकेट से जीता
छठा किंग्स इलेवन पंजाब 4 रन से जीता

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