मप्र पुलिस भर्ती: सैनिकों को छूट तो पुलिस कर्मचारियों को क्यों नहीं | KHULA KHAT @CMMadhyaPradesh - Bhopal Samachar | No 1 hindi news portal of central india (madhya pradesh)

Bhopal की ताज़ा ख़बर खोजें





मप्र पुलिस भर्ती: सैनिकों को छूट तो पुलिस कर्मचारियों को क्यों नहीं | KHULA KHAT @CMMadhyaPradesh

22 March 2018

प्रति, भोपाल समाचार न्यूज पोर्टल
महोदय,निवेदन है कि पुलिस विभाग में प्रतिवर्ष होने वाली होने वाली सूबेदार, उपनिरीक्षक, प्लाटून कमाण्डर भर्ती परीक्षा नियमावली के अनुसार पुलिस विभाग के ऐसे कर्मचारी जो विभाग में 6 वर्ष या अधिक की सेवाएं दे चुके है विभाग द्वारा उक्त भर्ती परीक्षा में 15 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान किया गया है किंतु उन्हे लिखित परीक्षा उतीर्ण करने के उपरांत होने वाली शारीरिक दक्षता परीक्षा में किसी प्रकार की रियायत नही दी गई है। फलस्वरूप अच्छा ज्ञान रखने वाले कर्मचारियों परीक्षा से बाहर हो रहे है। पुलिस विभाग के कर्मचारियों के अतिरिक्त भर्ती परीक्षा में भूतपूर्व सैनिकों को भी समस्त पदों में से 10 प्रतिशत पद प्रदान किए जाते है किंतु उन्हे शारीरिक परीक्षा में अतिरिक्त समय प्रदान किया गया है। 

नैसर्गिक न्याय के सिद्धांत के विपरीत है
महोदय, यदि शारीरिक मूल्यांकन एवं आयुसीमा के मानको के अनुरूप तर्कसंगत बात की जाये तो क्या सेवारत पुलिसकर्मी सेना के जवानों से अधिक शारीरिक रूप से दक्ष हो सकता है? सेवारत पुलिसकर्मियों की आयु एवं सेना से सेवानिवृत्त जवानों की आयु लगभग समान होती है, इसके उपरांत भी केवल भूतपूर्व सैनिकों को की शारीरिक प्रवीणता परीक्षा में छूट प्रदान करना नैसर्गिक न्याय के सिद्धांत के विपरीत है। 

व्यवहारिक दृष्टि से भी गलत है
ज्ञात हो कि पुलिस विभाग की अनियमित सेवाएं जहां दिन रात का पूर्व निर्धारित नियम नही होता है व्यक्ति चाहकर भी अपने स्वास्थ्य की ओर ध्यान नही दे सकता, वहीं दूसरी ओर सेना में व्यक्ति का एक नियमित दैनिक कार्यक्रम होता है जिसमें दैनिक शारीरिक व्यायाम भी दिनचर्या को एक हिस्सा है, ऐसी स्थिति में पुलिसकर्मियों को एक आम अभ्यार्थी की भॉति शारीरिक प्रवीणता का अवसर प्रदान करना न्यायसंगत नही है। 

महोदय ये वही पुलिसकर्मी है जो आज से 08-10 वर्ष या उससे अधिक समय पहले निर्धारित शारीरिक मानकों के अनुरूप ही विभाग में आये है और जिन्होेने पूर्ण अनुशासन में अपना सख्त बुनियादी प्रशिक्षण भी उतीर्ण किया है किंतु इतने दशकों तथा विभागीय कर्तव्य पालन के साथ-साथ पुनः उसी प्रवीणता के साथ शारीरिक परीक्षा उतीर्ण करना संभव नही है। 
आवेदक
एक समाजसेवी एवं पुलिस हितैषी हैै।



-----------

अपनी पसंदीदा श्रेणी के समाचार पढ़ने कृपया नीचे दिए गए श्रेणी के ​बटन पर क्लिक करें

;
Loading...

Popular News This Week

 
-->