ज्योतिष के अनुसार परीक्षा मे सफलता के उपाय | JYOTISH TIPS FOR EXAM

Tuesday, February 27, 2018

विद्यार्थियों के लिये चुनौतीपूर्ण समय प्रारम्भ हो चुका है। परीक्षायें सर पर हैं। अभिभावक भी चाहते है की बच्चे अच्छी तैयारी करें और शानदार परिणाम हासिल करें। जिन बच्चों को सही मार्गदर्शन नही मिल पाता वे हताश होकर ईर्ष्या, झूठ बोलना आदि कार्य करते हैं। या फ़िर सोचते है की थोड़ी डांट खा लेंगे, लेकिन यदि सही तरीके से तैयारी की जाय तो न केवल अच्छे परिणाम आयेंगे, बल्कि विशेष सफलता भी प्राप्त होगी। 
विशेष सलाह
हम नही चाहते की परीक्षा के समय मे बच्चे मंदिरों के चक्कर लगाये क्योंकि इस कुछ हासिल होने वाला नही।

भगवान गणेश का ध्यान
भगवान गणेश शिव पार्वती के पुत्र विघ्ननष्ट करने वाले संकटों को नाश करने वाले शिक्षा के क्षेत्र मे सफलता प्रदान करने वाले हैं। किसी भी संकट मे तीक्ष्ण बुद्धि द्वारा सफलता दिलाने वाले हैं, आप जब भी पढ़ने बैठें भगवान गणेश का ध्यान अवश्य करें, मन ही मन उनका ध्यान कर इस मंत्र का जप करें
एकदंताय विद्महे, वक्रतुण्डाय धीमहि, तन्नो दंती प्रचोदयात्। 
Ekadantaya vidmahe, vakratundaya dhimahi, tanno danti pracodayat
इस मंत्र का जितनी बार हो सके स्मरण करें।

गुरु का ध्यान
भगवान दत्तात्रेय आदि गुरु है जिनके ध्यान से सभी जातकों को ज्ञान और विद्या की प्राप्ति होती है, साइँबाबा, गजानन महाराज, स्वामी समर्थ सभी उनके रूप है इसलिये इनका
ध्यान चिंतन करना आपके लिये विशेष लाभकारी है, इस मंत्र का ध्यान करे
ॐ दिगंबराय विद्महे, योगीश्वराय धीमहे, तन्नो दत्त प्रचोदयात
Aum digambray  vidmahe, yogishwaray dhimahi, tanno datth pracodayat
इस मंत्र का उच्चारण करें,भगवान दत्त की कृपा आपको खास सफलता दीलायेगी।

मां गायत्री
मां गायत्री को वेदों की माता कहा गया है, और कहा जाता है की संसार का सारा ज्ञान इन चार वेदों मे समाहित है। भगवान सूर्य के मंडल मे मां गायत्री का ध्यान किया जाता है, जो भी व्यक्ति सूर्य को जल अर्पण करता है, और गायत्री मां का ध्यान करता है वो शिक्षा के क्षेत्र मे महत्वपूर्ण सफलता अर्जित करता है इसमे कोई संदेह नही है। आप सुबह दोपहर और शाम के समय गायत्री मंत्र का पाठ कर सकते हैं। जो आपके आत्मबल की वृद्धि के साथ शिक्षाजगत मे विशेष सफलता अर्जित कर सकता है,गायत्रीमंत्र
ॐ भूर्भुव स्वः। तत् सवितुर्वरेण्यं। भर्गो देवस्य धीमहि। धियो यो नः प्रचोदयात् ॥ 
Om Bhuur-Bhuvah Svah 
Tat-Savitur-Varennyam | 
Bhargo Devasya Dhiimahi 
Dhiyo Yo Nah Pracodayaat ||
हिन्दी में भावार्थ
उस प्राणस्वरूप, दुःखनाशक, सुखस्वरूप, श्रेष्ठ, तेजस्वी, पापनाशक, देवस्वरूप परमात्मा को हम अपनी अन्तरात्मा में धारण करें। वह परमात्मा हमारी बुद्धि को सन्मार्ग में प्रेरित करे।
इस मंत्र का उच्चारण विद्यार्थियों के लिये आशीर्वाद के समान है।

सभी राशियों के लिये उपाय
हनुमत ध्यान: एकादश रुद्र रामभक्त हनुमानजी के गुरु सूर्य है वे परमबुद्धिमान तेजस्वी तथा राहु शनि जैसे शिक्षा मे रुकावट डालने वाले ग्रहों के दोष का शमन करने वाले है, इनका ध्यान विद्यार्थियों के लिये परम आवश्यक है, मंत्र
हनुमंताय विद्महे, पवनपुत्राय धीमहे, तन्नौ हनुमत प्रचोदयात।
Hanumantay vidmahe, Pavanputray dhimahi, tanno hanumat pracodayat
उपरोक्त स्तुति किसी भी प्रकार की शिक्षा परीक्षा की तैयारियों मे सहायक तथा सफलतादायक है।

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