अब संविदा कर्मचारी अधिकारी महासंघ ने दिया हड़ताल का नोटिस | EMPLOYEE NEWS

Tuesday, February 27, 2018

भोपाल। 1 नवम्बर 2017 से चरणबद्व आंदोलन कर रहे म.प्र. संविदा कर्मचारी अधिकारी महासंघ  ने 16 मार्च से सरकार को कलमबंद हड़ताल का अल्टीमेटम दे दिया है। मप्र संविदा कर्मचारी अधिकारी महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष रमेश राठौर ने बताया कि हमने हड़ताल का नोटिस केवल वल्लभ भवन में मुख्यसचिव, अपर मुख्य सचिव, समस्त विभागों के प्रमुख सचिव, विभागाध्यक्षों को ही ज्ञापन नहीं सौंपा हैं बल्कि दस मंत्री जिसमें राजस्व मंत्री उमांशकर गुप्ता, जीएडी मंत्री लाल सिंह आर्य, स्वास्थ्य मंत्री रूस्तम सिंह, स्वास्थ्य राज्यमंत्री शरद जैन, जालम सिंह पटेल, विश्वास सारंग, गौरी शंकर बिसैन, पारसंचद्र जैन, संजय पाठक सहित ग्यारह विधायकों को 15 मार्च तक संविदा कर्मचारियों को नियमित किए जाने, जिन संविदा कर्मचारियों को हटा दिया गया है उन्हें वापस लिए जाने तथा नियमित नहीं किए जाने की स्थिति में 16 मार्च से संविदा कर्मचारियों की प्रदेश व्यापी हड़ताल का सामना करने के लिए तैयार रहने के लिए अल्टीमेटम दे दिया है। 

म.प्र. संविदा कर्मचारी अधिकारी महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष रमेश राठौर ने कहा है कि हमने 1 नवम्बर से लगातार शांतिपूर्वक विभिन्न प्रकार के आंदोलनों से सरकार का ध्यानाकर्षण कर रहे हैं लेकिन सरकार ने आश्वासन के अलावा अभी तक कुछ भी नहीं दिया है। जिससे प्रदेश के संविदा कर्मचारियों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। अब संविदा कर्मचारी अधिकारी आश्वासन पर काम नहीं करेगें। इसलिए म.प्र. सरकार का हमने 21 दिन पहले 16 मार्च से कलम बंद हड़ताल करने का अल्टीमेटम दे दिया है । सरकार 15 मार्च तक संविदा कर्मचारियों को नियमित करने के आदेश जारी कर देती है तो हम सरकार का अभिनंदन करेंगें नहीं तो 16 मार्च से हड़ताल करेंगें। 

हड़ताल में राज्य शिक्षा केन्द्र, जिला शिक्षा केन्द्र, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, मनरेगा,  स्वच्छ भारत अभियान, मुख्यमंत्री ग्रामीण सड़क विकास प्राधीकरण, आजीविका मिशन, राज्य जल मिशन, राजीव गांधी जलग्रहण मिशन, आईएववाय, आईएपी,, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा, डीआरडीए, आईएलपी , शहरी विकास अभिकरण,  स्वास्थ्य विभाग, आयुष विभाग, राष्ट्रीय ग्रामीण एवं शहरी स्वास्थ्य मिशन, लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, लोक स्वास्थ्य एवं यांत्रिकी विभाग, ऊर्जा विभाग, म.प्र. समस्त विघुत वितरण कम्पनी,, महिला बाल विकास विभाग, खेल एवं युवक कल्याण विभाग एवं उनकी समस्त योजनाएं, महिला आर्थिक विकास निगम, तेजस्वनी परियोजना, किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग, आदिम जाति एवं सामाजिक न्याय विभाग, वन विभाग, चिकित्सा शिक्षा एवं तकनीकी शिक्षा विभाग, कौशल विकास केन्द्र,नगरीय प्रशासन विभाग, कुटीर एवं ग्रामोउघोग विभाग, स्कूल शिक्षा एवं उच्च शिक्षा विभाग,संस्कृति एवं धार्मिक न्यास विभाग, वाणिज्यक कर विभाग, सहकारिता विभाग,सुशासन एवं प्रशासन विभाग, समस्त निगम मण्डल, योजना एवं आर्थिक सांख्यिकी विभाग, पुलिस हाऊसिंग विभाग, मनरेगा एवं रोजगार सहायक, लोक निर्माण विभाग, पशुपालन विभाग, लोक सेवा एवं प्रबंधन विभाग, ईगर्वनेस विभाग, विकास प्राधीकरण विभाग, पीएचई, हैण्डपंप टैक्निशियन, आवास एवं पर्यावरण विभाग, जनअभियान परिषद, राष्टीय खाद्य मिशन, आत्मा परियोजना, सामाजिक न्याय विभाग विकलांग एवं पुनर्वास केन्द्र, विभिन्न निगम मंडलों के कर्मचारी शामिल होंगें। 

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