सीएम सर, विकलांग अध्यापक वोटबैंक नहीं हैं, तो क्या उन्हे न्याय भी नहीं मिलेगा | MP NEWS

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सीएम सर, विकलांग अध्यापक वोटबैंक नहीं हैं, तो क्या उन्हे न्याय भी नहीं मिलेगा | MP NEWS

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से मध्यप्रदेश के विकलांग जिन्हे अब सम्मानपूर्वक दिव्यांग भी कहा जाता है, ने अपील की है कि उनकी परेशानियों की तरफ संवेदनशीलता के साथ ध्यान देने का कष्ट करें। वो चाहते हैं कि अध्यापकों के लिए जारी हुई ट्रांसफर पालिसी में जो बंधन लागू किए गए हैं, विकलांग अध्यापकों को उससे मुक्त कर दिया जाए। पढ़िए उनकी तरफ से भोपाल समाचार डॉट कॉम को प्राप्त हुआ ईमेल: 

श्रीमान जी, मध्यप्रदेश शासन द्वारा अध्यापकों के लिए जो ट्रांसफर पालिसी निकाली है, इस पालिसी मे मेरे किसी भी विकलांग साथी का ट्रांसफर नही हो रहा है। क्योंकि सेवा अवधि का तो बंधन नही पर शाला मे तीन व चार शिक्षक नही है इसके कारण कोई भी विकलांग साथी अपने घर नही पहुंचेगा। मेरी नियुक्ति विकलांग कोटे मे है मे अपने घर से 400 कि.मी दूर पदस्थ हूं। 

विकलांगो को घर से दूर रहकर अनेक समस्या का सामना करना पढता है। भोपाल समाचार के माध्यम से विकलांग अध्यापकों की समस्या शासन तक पहुँचाने का कष्ट करें व विकलांगो के लिए बंधन मुक्त पालिसी होना चाहिए। 
समस्त विकलांग अध्यापक साथी 
मध्यप्रदेश