योगी आदित्यनाथ की स्वयंभू पत्नी गिरफ्तार, देशद्रोह की FIR | EMPLOYEE NEWS

Saturday, December 9, 2017

लखनऊ। वेतनवृद्धि की मांग कर रहीं आंगनवाड़ी महिला कार्यकर्ताओं की आवाज जब उत्तरप्रदेश सरकार के कानों तक नहीं पहुंची तो एक महिला कर्मचारी नीतू सिंह ने अनौखी युक्ति निकाली और सीएम योगी आदित्यनाथ की तस्वीर को रखकर सीतापुर में मानसिक विवाह कर लिया। पत्नी धर्म धारण करने के बाद महिला कर्मचारी ने मांग की कि बतौर गुजारा भत्ता आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को कम से कम 15 हजार रुपए महीना वेतन दिया जाए। इस घटना के बाद पुलिस ने महिला कर्मचारी को गिरफ्तार कर लिया। उसके खिलाफ देशद्रोह का मामला दर्ज किया है। कोर्ट ने उसे 15 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। 

आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने लगाए जिंदाबाद के नारे
नीतू सिंह को जब कोर्ट से जेल भेजा गया। उस बीच सैकड़ों की संख्या में आंगनबाड़ी की महिला वर्कर कोर्ट के बाहर नीतू सिंह जिंदाबाद के नारे लगा रही थी। इस मामले पर नीतू सिंह ने कहा, "प्रशासन ने साजिश के तहत उनको बातचीत करने के बहाने बुलाया गया। उनके खिलाफ देशद्रोह का केस लगाया गया है। उसके बाद जेल भेज दिया गया। उनका ये आरोप है कि चुनाव के दौरान उन्होंने बीजेपी को वोट किया था, उन्हें ये सजा मिली है।

सीएम का काफिला रोकने की कोशिश की थी
सीएम योगी की पत्नी का दावा करने वाली महिला को पुलिस ने शुक्रवार को पकड़ लिया था। उस वक्त सीएम योगी सीतापुर के नैमिषारण्य में आयोजित धार्मिक कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए पहुंचे थे। नीतू सिंह ने सीएम के काफिले को रोककर अपनी बात रखने की कोशिश की थी। 

शुक्रवार को दिया था ये बयान
सीएम की पत्नी का दावा करने वाली नीतू सिंह ने कहा, "हमने उनके साथ 5 दिसंबर को शादी (सांकेतिक) तौर पर की है। हमारी ये मांग है कि या तो सीएम योगी अपने साथ ले चलें, या फिर हमे गुजारा भत्ता के तौर पर 15 हजार रुपए महीने वेतन देने का आदेश जारी कर दें। 

5 दिसंबर को हुआ था मानसिक विवाह

बता दें कि आंगनबाड़ी वर्कर अपनी मांगों को लेकर धरने पर बैठी थी। 5 दिसंबर को सीएम योगी आदित्यनाथ की फोटो से सांकेतिक तौर एक महिला ने शादी कर 7 फेरे लिए। इस दौरान दुल्हन ने बाकायदा CM योगी को अपना पति मानकर रस्मों को पूरा किया। इसके साथ ही फिल्मी गानों के बीच जयमाल हुआ और मिठाइयां बांटी गईं। शादी में सैकड़ों की संख्या में आंगनबाड़ी की महिलाएं बराती और घराती बनीं।

क्या ऐसे विवाह को मान्यता दी जाती है
भारत की एक अनौखी प्राचीन परंपरा है। राजा व्यस्तता के कारण अपने ही विवाह में उपस्थित नहीं हो पाते तो अपनी तलवार, पगड़ी या अंगूठी भेज दिया करते थे। तलवार के साथ ही दुल्हन सभी वैवाहिक रस्मे पूरी करती थी और इस तरह सर्वमान्य विवाह सम्पन्न हो जाता था। 

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