समाज की संवेदनशीलता का फायदा उठाना चाहता था दलित, बाजी उलट गई

Sunday, November 5, 2017

विदिशा/मध्य प्रदेश। वैवाहिक विवाद में दलित कार्ड चलाकर राहत पाने के लिए 34 साल के प्रकाश अहिवार ने किडनी बेचने का पोस्टर जारी किया था। शायद उसे उम्मीद थी कि मामला तूल पकड़ेगा और सरकार दखल देगी परंतु ऐसा नहीं हुआ, उल्टा किडनी के खरीददारों ने उससे संपर्क करना शुरू कर दिया। सऊदी अरब के एक व्यक्ति ने तो 15 लाख रुपए तक देने की बात रखी परंतु प्रकाश ने अपनी मांग 50 लाख रुपए रख दी। बता दें कि प्रकाश का अपनी पत्नी से तलाक हो गया है। उसे गुजारा भत्ता देना है। इसी मामले में वो कोई सरकारी या सामाजिक राहत चाहता है। बता दें कि विदिशा में सामान्यत: प्लंबर का काम करने वाले इस उम्र के युवा 300 रुपए प्रतिदिन आसानी से कमा रहे हैं। 

विदिशा में प्लंबर का काम करने वाले प्रकाश अहिरवार का अपनी पत्नी लक्ष्मी से तलाक हो गया है। कोर्ट ने आदेश दिया है कि वो अपनी पत्नी को 2200 रुपए प्रतिमाह गुजारा भत्ता दे और अंतरिम राहत के लिए 30 हजार रुपए का एकमुश्त भुगतान करे। यह मामला 5 सितम्बर को उस वक्त तामशा बन गया जब प्रकाश ने शहर में दीवारों पर एक पोस्टर चिपका दिया। उसका कहना है कि पत्नी लक्ष्मी अहिरवार से चल रहे पारिवारिक विवाद के चलते मैं पूरी तरह बर्बाद हो गया हूं। कोर्ट के ऑर्डर पर तलाक के बाद गुजारे के लिए पत्नी को हर महीने 2200 रुपए और इंटरिम रिलीफ के 30 हजार रुपए नहीं दे सकता। लिहाजा, मुझे अपनी किडनी बेचनी पड़ रही है।

उसे उम्मीद थी कि मामला सुर्खियां पकड़ेगा तो उसे किसी तरह की मदद मिल जाएगी परंतु ऐसा नहीं हुआ। उसने अपने नाम के आगे दलित भी लिखा, ताकि दलित कार्ड काम कर जाए परंतु ऐसा भी नहीं हुआ उल्टा बीते 2 महीने में 25 लोगों ने उसकी किडनी खरीदने में रुचि दिखा दी। भोपाल, दिल्ली, मुंबई और सऊदी अरब तक के लोगों के फोन आए। लोग उसे 15 लाख रुपए तक देने को तैयार थे परंतु प्रकाश ने अपनी किडनी नहीं बेची। वो 50 लाख रुपए की मांग करने लगा। 

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