चीनी घुसपैठ के समय झूले पर बैठने वाला मैं नहीं था: राहुल गांधी | MODI NEWS

Monday, July 10, 2017

नई दिल्ली। बॉर्डर पर जारी तनाव के बीच राहुल गांधी की चीनी एम्बेसडर से हुई मुलाकात पर विवाद हो गया। कांग्रेस पहले तो इस मुलाकात से ही मुकर गई फिर जब मामले ने तूल पकड़ा और सबूत जुटाए गए तो मुलाकात की बात कबूल कर ली। चीन के मुद्दे पर अब तक चुप बैठे भाजपाईयों को मौका मिल गया। वो राहुल के खिलाफ उलब पड़े। विवाद बढ़ने के बाद शाम को राहुल गांधी ने मोदी-जिनपिंग की एक फोटो ट्वीट करते हुए तंज कसा कि चीन के प्रेसिडेंट शी जिनपिंग के साथ झूला झूलने वाले शख्स वे नहीं थे। 

राहुल बोले- जानकारी रखना मेरा काम है
बता दें कि सिक्किम में भारत और भूटान को जोड़ने वाले एरिया में चीन सड़क बनाना चाहता है। भारत-भूटान इसका विरोध कर रहे हैं। करीब एक महीने से इस इलाके में दोनों देशों के सैनिक आमने-सामने हैं। भारतीय सेना ने चीन को जवाब देने के लिए वहां टेम्पररी तौर पर तंबू लगा दिए हैं। भारत सरकार इस मुद्दे को चीन के साथ बातचीत से डिप्लोमैटिक लेवल पर सुलझाने की कोशिश कर रही है। इस बीच, मीडिया में खबरें आईं कि कांग्रेस वाइस प्रेसिडेंट राहुल गांधी ने 8 जुलाई को इस मुद्दे पर चीन के एम्बेसडर लू झाओहुइ से मुलाकात की। 

कांग्रेस ने पहले इसे कुछ चैनलों की फेक न्यूज बताया। बाद में विवाद बढ़ा तो कहा- कांग्रेस प्रेसिडेंट और वाइस प्रेसिडेंट से कई एम्बेसडर्स और एन्वॉय वक्त-वक्त पर मिलते रहते हैं। मामले को तूल नहीं दिया जाना चाहिए।

राहुल ने क्या कहा?
विवाद बढ़ने के बाद शाम को राहुल गांधी का बयान सामने आया। उन्होंने ट्वीट कर कहा कि जानकारी रखना मेरा काम है। इसलिए मैं मिला। अगर सरकार मेरी और एम्बेसडर के बीच की मुलाकात से इतनी चिंतित है तो उसे यह साफ करना चाहिए कि सीमा विवाद के दौरान उसके तीन मंत्री चीन की मेहमाननवाजी में क्या कर रहे थे?  राहुल ने यह भी कहा कि अहम मसलों पर पूरी जानकारी से रूबरू होना मेरे काम का हिस्सा है। मैं चीन के एम्बेसडर, पूर्व एनएसए, पूर्वात्तर के कांग्रेस नेताओं और भूटान के एम्बेसडर से इसी के चलते मिला था। राहुल ने मोदी-जिनपिंग की एक फोटो ट्वीट करते हुए लिखा- रिकॉर्ड के लिए बता दूं कि जब हजारों चीनी सैनिक फिजिकली भारत में घुस आए थे, तब (चीन के प्रेसिडेंट के साथ) झूले पर बैठने वाला शख्स मैं नहीं था। राहुल ने जो फोटो ट्वीट की, वह सितंबर 2014 की है। उस वक्त मोदी को पीएम बने कुछ ही महीने हुए थे। जिनपिंग भारत दौरे पर आए थे और गुजरात में साबरमती रिवर फ्रंट पर मोदी के साथ झूले पर बैठे थे।

बीजेपी ने क्या कहा?
बीजेपी स्पोक्सपर्सन जीवीएल. नरसिम्हाराव ने कहा- सरकार मामले को डिप्लोमैटिक लेवल पर सुलझाने की कोशिश कर रही है। राहुल को आउट ऑफ टर्न जाने की आदत है। वो ये बताएं कि मीटिंग हुई भी थी या नहीं? पार्टी के एक और नेता गौरव भाटिया ने कहा- सभी पार्टियों को सरकार का साथ देना चाहिए।

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