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नर्मदा का किनारा ना मिले तो मेरे खेत में लगाओ, लेकिन पौधे लगाओ: CM शिवराज सिंह

भोपाल। नर्मदा सेवा यात्रा के दौरान सीएम शिवराज सिंह चौहान ने ऐलान किया था कि नर्मदा किनारे 6.5 करोड़ पौधे लगाए जाएंगे परंतु अब मामला अटक गया है। कलेक्टरों ने इस टारगेट से हाथ खींच लिए हैं। उनका कहना है कि यह लक्ष्य पूरा नहीं किया जा सकता। सीएम सहित आला अधिकारी हर हाल में टारगेट पूरा कराना चाहते हैं। हालात यह बने कि सीएम ने व्यवस्था दे दी कि यदि नर्मदा किनारे सरकारी जमीन नहीं है तो मेरे खेत में पौधे लगाओ, किसी दूसरी नदी, नहर के किनारे लगाओ लेकिन 6.5 करोड़ पौधे लगाओ। इस बीच पौधा खरीदी घोटाले की संभावना पर भी बा​तचीत हुई परंतु सरकार की ओर से कोई जवाब नहीं दिया गया। 

बुधवार को एप्को में नर्मदा के करीबी जिलों की वर्कशॉप रखी गई। साढ़े तीन घंटे चली इस बैठक में सरकार ने रिवाइज लक्ष्य का दबाव बनाया तो कई कलेक्टरों ने साफ इंकार कर दिया। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और अपर मुख्य सचिव राधेश्याम जुलानिया ने जब दवाब बनाया तो कलेक्टरों ने हां कर दी। चौबीस जिलों में यह आयोजन किया जाना है। हर जिले में कम से कम एक लाख लोगों को जुटाया जाना है। जून के दूसरे पखवाड़े तक 11 लाख लोगों का पंजीयन किया जाना है। कलेक्टरों का कहना है कि यह सबकुछ बहुत मुश्किल है। इसके लिए सारे काम छोड़कर लगना पड़ेगा। रोजमर्रा के काम भी पेंडिंग हो जाएंगे। इसके बाद भी गारंटी नहीं है कि टारगेट पूरा किया जा सके। 

चर्चा के दौरान होशंगाबाद कलेक्टर अविनाश लवानिया ने कहा-हमारा लक्ष्य ज्यादा है। इतना नहीं कर पाएंगे। एक तिहाई कम करें। इस पर सीएस बीपी सिंह ने चुटकी ली कि दयनीय मुंह क्यों बनाते हो? सिंहस्थ कराया है तो पेड़ भी लगाओ। लवानिया ने जमीन की कमी बताई तो जुलानिया बोले-तवा की नहरों पर पौधे रोपो। सीएम के प्रमुख सचिव अशोक वर्णवाल ने कहा-हार्टिकल्चर की जमीन ली जा सकती है। लवानिया ने हामी भरी तो सीएस फिर बोले कि दबाव में नहीं अच्छे से प्लान बनाओ। इसी तरह जब सीहोर की बात आई तो कलेक्टर सुदामा पंढरी खाड़े ने कहा कि 15 लाख पौधे लगाएंगे। यह सुन सीएम बोले-बाकी जिले 30-40 लाख लगा रहे हैं। सीहोर भी 25-30 लाख पौधे लगाओ। क्यों मेरी नाक कटवा रहे हो?

सीएम ने कहा कि कोलार-सीप नदी का पानी नर्मदा में जाता है। इसके किनारों पर पेड़ लगाओ। इसी बीच वन विकास निगम के एमडी रवि श्रीवास्तव ने बताया कि अमले की कमी के कारण वे 3 लाख पौधे लगा रहे हैं तो वन मंत्री बोले, इससे ज्यादा लगाओ। क्या तकलीफ है? लोग आएंगे। सीएम ने कहा, जैत में मेरे खेत में पौधारोपण करो। 

बैठक की शुरुआत में सीएस व जुलानिया ने जमीन व पौधों की उपलब्धता पूछने के बाद रिवाइज टार्गेट दिए तो कलेक्टरों ने चुप्पी साध ली। सीएस ने कहा- हमने कुछ बताया, आपने यस सर कहकर मान लिया तो हम भी धोखे में रहेंगे-आप भी। कलेक्टर फिर चुप रहे तो सीएस ने अंतत: पूछ ही लिया कि क्या कोई है जो पूरी तैयारी से आया है? खंडवा कलेक्टर स्वाति मीणा ने हाथ उठाया तो, सीएस बोले-अरे वाह!

तेजस्वी बोले- मेधा पाटकर की जेसीबी पकड़ी है, क्यों बुलाएं
कार्यक्रम में लोगों को आमंत्रित करने पर सीएम ने कहा-मेधा पाटकर को भी बुलाओ। इस पर बड़वानी कलेक्टर तेजस्वी एस नायक ने उन्हें बताया कि रेत खनन करती उनकी जेसीबी मशीन पकड़ी है। उन्हें क्यों बुलाएं? बाद में सीएम ने कहा-फैक्टरी मालिकों समेत हर उस व्यक्ति को बुलाओ, जिसकी समाज में इज्जत-प्रतिष्ठा हो। इधर, मेधा पाटकर ने कहा है कि 24 घंटे में नायक यदि यह साबित नहीं कर पाए कि जेसीबी उनकी है तो मानहानि का केस करूंगी।

तीन बड़े सवाल
1. गुजरात, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ व पश्चिम बंगाल से खरीदे जाएंगे फलदार पौधे। इंदौर कमिश्नर संजय दुबे ने प्रश्न किया कि अलग-अलग रेट पर पौधे खरीदे गए तो यह बाद में मुद्दा बनेगा। 
2. इतने पौधे रोपने के लिए लोग कहां से लाएंगे? सीएम ने कहा कि हर जिले में एक लाख लोग हों। एक आदमी 25 पौधे लगाएगा। इसलिए रजिस्ट्रेशन हों। सीएस बीपी सिंह ने कहा सूर्योदय से सूर्यास्त तक (सुबह सात से शाम 7 बजे तक) पौधे रोपे जाएंगे। 
3. किसी एक नदी के किनारों पर एक दिन में सर्वाधिक प्लांटेशन के रिकॉर्ड की गवाही कौन देगा? इस पर सीएम ने कहा-हर व्यक्ति का पंजीयन किया जाए। गवाह और प्रबंधन के लिए चिन्हित लोगों को तैनात किया जाए।