नोट बदलवाने के लिए लाइन में खड़े रहे राधौगढ़ के युवराज

Saturday, November 12, 2016

राघौगढ़/गुना। राघौगढ़ के युवराज, कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह के चिरंजीव एवं कांग्रेस विधायक जयवर्धन सिंह ने आज लाइन में खड़े होकर नोट बदलवाए। वो एक आम नागरिक की तरह लाइन में सबसे पीछे आकर खड़े हुए और अपना नंबर आने पर ही नोट बदलवाए। बता दें कि यहां की जनता आज भी राधौगढ़ राजघराने का सम्मान करती है। राज परिवार की ओर से भी लोगों को हर तरह की मदद मुहैया कराई जाती है। युवराज करीब 3 घंटे तक कतार में लगे रहे। गौरतलब है कि शुक्रवार को कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने भी नई दिल्ली की एक ब्रांच आम लोगों के साथ लाइन में लगकर नोट एक्सचेंज कराए थे।

मैनेजर दौड़ा दौड़ा चला आया 
जयवर्धन सिंह के कतार में खड़े होने की सूचना जैसे ही राघौगढ़ एसबीआई के शाखा प्रबंधक आरके सिन्हा तक पहुंची, वे फौरन जाकर जयवर्धन से मिले। उन्होंने जयवर्धन से कतार में न लगकर, सीधे अंदर आकर नोट बदलवाने की सलाह दे दी लेकिन, जयवर्धन नहीं माने उन्होंने कहा कि वे सरकारी फैसले का असर आम लोगों के जीवन पर देखना चाहते हैं, लिहाजा वे उन्हीं की तरह कतार में लगे रहेंगे। तकरीबन 15 मिनिट तक सिन्हा और विधायक के बीच बातचीत हुई, लेकिन विधायक कतार से हटने के लिए राजी नहीं हुए।

लोग रह गए हैरान
आम लोगों की तरह राजघराने के विधायक जयवर्धन को इस तरह कतार में खड़ा देखकर लोगों को बड़ी हैरानी हुई। कभी वे लंबी कतार को देखते, तो कभी धूप के कारण जयवर्धन सिंह के चेहरे पर झलक रहे भावों को। जयवर्धन दोपहर 12 बजे से कतार में लगे थे, लगभग 3.15 बजे वे संबंधित काउंटर पर पहुंचे। काउंटर पर फार्म भरकर उन्होंने चार हजार रुपए के नोट बदलवाए।

फैसला गलत समय पर लिया गया है
विधायक जयवर्धन सिंह ने केन्द्र सरकार के फैसले पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि नोट बदलवाने की टाइमिंग काफी कम है। इस समय फसलों की बोवनी का काम चल रहा है और किसानों को खाद-बीज एवं बिजली कनेक्शन सहित अन्य जरूरी कार्यों के लिए पैसों की जरूरत पड़ रही है। वहीं, तुलसी विवाह के बाद से ही शादियों का सिलसिला भी शुरू हो गया है, लेकिन लोग पैसे न होने के कारण परेशान हो रहे हैं। यह फैसला श्राद्धपक्ष में लिया जाता तो इतनी मुश्किल नहीं होती। एकदम से करंसी बदलने के फैसले से महंगाई का ग्राफ भी बढ़ गया है। विधायक के मुताबिक आतंकियों के पास भारत की करंसी नहीं होती, इसलिए सरकार का ये कहना बिलकुल गलत होगा कि इससे आतंकवाद रुक जाएगा।

अमेरिका में पढ़ाई के बावजूद सादगी पसंद
जयवर्धन को राघौगढ़ की जनता महाराज कुंवर या छोटे बाबा साहेब के नाम से पुकारती है। ये राघौगढ़ राजघराने के राजकुमार और कांग्रेस के विधायक हैं। इनके पिता दिग्विजय सिंह हैं, जो दो बार मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री भी रह चुके हैं। ( पढ़ते रहिए bhopal samachar हमें ट्विटर और फ़ेसबुक पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं।)

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