दलितों के लिए स्वर्ग समान हैं भारत के 9 राज्य

Updesh Awasthee
नईदिल्ली। यदि आप दलित हैं और यूपी में रहते हैं तो हमेशा खतरे में हैं। आप पर कभी भी अत्याचार हो सकता है परंतु यदि आप देश के इन 9 राज्यों में रहते हैं तो आप निश्चिंत रहें। आप कभी भी भेदभाव का शिकार नहीं होंगे। पूर्वोत्तर के पांच राज्यों मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नगालैंड और अरुणाचल प्रदेश एवं केंद्र शासित प्रदेश अंडमान और निकोबार द्वीप, दादर और नगर हवेली तथा लक्षद्वीप भारत में दलितों के लिए स्वर्ग समान हैं। यहां कभी दलितों पर कोई अत्याचार नहीं होता। एक भी नहीं। 

नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) के अनुसार वर्ष 2015 में उत्तर प्रदेश में अनुसूचित जाति के लोगों के खिलाफ अपराध के सबसे अधिक 8,358 मामले दर्ज किए गए। यह आंकड़ा यूपी में वर्ष 2014 में हुए ऐसे अपराधों से 3.50 फीसदी अधिक है। 2014 में प्रदेश में ऐसे 8,075 मामले दर्ज किए गए थे। 

एनसीआरबी के आंकड़ों के मुताबिक अनुसूचित जाति के खिलाफ अपराध के राष्ट्रीय आंकड़े में 4.51 फीसदी की गिरावट आई है। वर्ष 2014 में देशभर में ऐसे 47,064 मामले दर्ज किए गए थे, जो वर्ष 2015 में 45,003 हो गए। 

आंकड़े के मुताबिक 2015 में अनुसूचित जाति के खिलाफ अपराध के राजस्थान में 6,998, बिहार में 6,438 व आंध्र प्रदेश में 4,415 मामले दर्ज किए गए। उधर, पूर्वोत्तर के पांच राज्यों मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नगालैंड और अरुणाचल प्रदेश में वर्ष 2015 में ऐसे एक भी मामले दर्ज नहीं किए गए। 

केंद्र शासित प्रदेशों अंडमान और निकोबार द्वीप, दादर और नगर हवेली तथा लक्षद्वीप में भी अनुसूचित जाति के लोगों के खिलाफ अपराध के एक भी मामले सामने नहीं आए। गोवा, त्रिपुरा, पश्चिम बंगाल, उत्तराखंड, केरल, असम, पंजाब और हरियाणा में भी ऐसे मामलों की संख्या काफी कम रही। 
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