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शहडोल में व्यापारी की गोली मारकर हत्या, पत्नी बेहोश ना होती तो जिंदा होता

शहडोल। यहां एक जमीन कारोबारी राजेन्द्र त्रिपाठी की गोली मारकर हत्या कर दी गई। गोली लगते ही व्यापारी ने अपनी पत्नी ज्योति त्रिपाठी को फोन करके सारी बात बताई लेकिन फोन सुनते ही ज्योति बेहोश हो गई। होश में आने के बाद उसने परिजनों को सूचना दी। डॉक्टरों का कहना है कि यदि घायल व्यापारी को समय पर अस्पताल ले आया जाता तो शायद वो जिंदा होता। 

पुलिस के अनुसार, जमीन कारोबारी राजेन्द्र त्रिपाठी एवं नगर पालिका शहडोल में कर्मचारी शरद गौतम के बीच लगभग 6 लाख रुपयों का लेनदेन था। मृतक त्रिपाठी लगातार रुपयों के लिए गौतम पर दबाव बना रहा था, जिससे तंग अाकर गौतम ने सुनियोजित साजिश के तहत उसकी हत्या कर दी। बताया जा रहा है कि गौतम और उसके साथियों ने सोमवार दोपहर 12 बजे राजेंद्र त्रिपाठी को मुलाकात के लिए बुलाया। इस दौरान आरोपियों ने उसकी पीठ पर गोली मार दी। गोली सीने को चीरते हुए शरीर से बाहर निकल गई।

गोली लगते ही व्यापारी ने अपनी पत्नी को फोन करके सारी घटना बताई लेकिन पत्नी फोन सुनते ही बेहोश हो गई। उसके होश में आने के बाद परिजनों को राजेंद्र त्रिपाठी को गोली लगने की जानकारी मिली। परिजनों की मदद से वह घटना स्थल राम-जानकी मंदिर के समीप पहुंची।

पुलिस ने बताया कि घटना के बाद राजेंद्र त्रिपाठी को संदिग्ध आरोपी शरद गौतम के ही भाई-भतीजों ने जिला अस्पताल पहुंचाया है। पुलिस के अनुसार, यदि जमीन कारोबारी को कुछ समय पहले अस्पताल पहुंचा दिया जाता तो शायद उसकी जान बच जाती।