उज्जैन। जैसी की उम्मीद थी पहले ही दिन से महाकुंभ में श्रृद्धालुओं का तांता लग जाएगा, वैसा कतई नहीं हुआ। पहले दिन उम्मीद थी इंदौर से कम से कम 200 बसें भरकर श्रृद्धालु उज्जैन पहुंचेंगे परंतु केवल 20 बसें ही रवाना हो पाईं। 180 बसें श्रृद्धालुओं का इंतजार ही करती रहीं।
तमाम अव्यवस्थाओं के चलते साधु समाज लगातार नाराज बना हुआ है। बीते रोज हुए हमले ने भी व्यवस्थाओं की पोल खोलकर रख दी। हालात यह हैं कि श्रृद्धालुओं के लिए लगाए गए पंडाल फिलहाल खाली पड़े हैं। दूरदराज की बात बाद में, बाबा महाकाल का अखाड़ा तक फिलहाल खाली है, जबकि आज रविवार था।
