इंदौर। पर्यटल स्थल कजलीगढ़ क़िला अब एक ऐसा एड्रेस बन गया है जो लड़कियों की रूह कंपा देता है। पिछले 2 सालों में लोकल गुंडों ने यहां घूमने आए प्रेमी युगलों को बंधक बनाकर लूटपाट की और 45 लड़कियों का गैंगरेप किया। चौंकाने वाली बात तो यह है कि अब तक एक भी एफआईआर दर्ज नहीं हुई है जबकि लोकल गैंग का लीडर खुद अपना गुनाह कबूल कर चुका है।
टूरिस्ट स्पॉट कजलीगढ़ इंदौर से 16 किलोमीटर दूर है। प्रेमी युगल यहां एकांत की तलाश में बड़ी संख्या में पहुंचते हैं। ऐसे ही प्रेमी युगल को टारगेट कर उनसे हथियारों की दम पर लूट और ज्यादती की जाती थी। गिरोह के सरगना श्रीराम ने बताया कि पिकनिक स्पॉट पर सुनसान इलाके में प्रेमी युगल नजर आते हैं, तो उन्हें गिरोह के सदस्य घेर लेते थे। प्रेमी को बंधक बना लिया जाता था और प्रेमिका के साथ ज्यादती की जाती थी।
सरगना ने 18 लड़कियों से की ज्यादती
सरगना श्रीराम ने पूछताछ के दौरान पुलिस को बताया कि पिछले दो साल में उनके गिरोह के सदस्य 45 लड़कियों के साथ दुष्कर्म कर चुके है। 18 वारदातों में वह खुद भी शामिल रहा था।
वीडियो क्लिपिंग और बदनामी का डर
लड़कियों के साथ सामूहिक ज्यादती के दौरान गिरोह के सदस्य उसकी वीडियो क्लिपिंग भी तैयार कर लेते थे। अमूमन प्रेमी-प्रेमिका परिजनों की नजरों से बचने के लिए यहां आते हैं, ऐसे में लूट या रेप की शिकायत करने के लिए वह पुलिस के पास पहुंचते ही नहीं थे। साथ ही रेप की वजह से बदनामी के डर से भी पुलिस को शिकायत नहीं की जाती थी।
लूट की वारदात से खुलासा
कजलीगढ़ में घूमने गए बी टेक के कुछ छात्रों के साथ गिरोह के सदस्यों ने 14 जून 2015 को मारपीट कर लूटपाट की थी। उन्होंने सिमरोल थाने पर इसकी शिकायत दर्ज कराई थी। पुलिस ने जांच के बाद गिरोह के संजय कटारा, करण डावर और एक अन्य नाबालिग सदस्य को गिरफ्तार किया था। उन्होंने पूछताछ में सरगना का नाम श्रीराम बताया था। पुलिस ने श्रीराम को धरदबोचा तो पूछताछ में उसने ज्यादती करना भी कबूल कर लिया।
हाईकोर्ट में याचिका
इस मामले में एक याचिका भी दायर की गई है। कहा गया है कि पर्यटन निगम यहां करोड़ों खर्च करता है परंतु सुरक्षा के कोई बंदोबस्त नहीं हैं। अत: जिम्मेदारों पर कार्रवाई और सिक्योरिटी की व्यवस्था होनी चाहिए। सरकार ने हाईकोर्ट में दलील दी है कि जब रेप की एफआईआर रिकार्ड ही नहीं है तो सिक्योरिटी इंतजाम कैसे करें।