भोपाल। राजधानी की विशेष अदालत ने सेंट्रल बैंक आफ इंडिया के सीनियर मैनेजर वसंत पावसे को तीन साल जेल और 10 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है। अन्य आरोपियों को जेल व जुर्माना लगाया गया। बुधवार को सीबीआई के विशेष न्यायाधीश मनोज कुमार श्रीवास्तव ने यह फैसला सुनाया। बसंत पावसे पर सीबीआई ने भ्रष्टाचार के 28 मामले दर्ज किए हैं, अब तक 12 मामलों में सजा सुनाई जा चुकी है। बुधवार को सजा सुनाए जाते समय चारों आरोपी अदालत में मौजूद थे। तीन साल की सजा सुनाए जाने के बाद आरोपियों की ओर से हाईकोर्ट में अपील पेश करने के लिए जमानत पेश की गई। अदालत ने उन्हें एक महीने का समय दिया है।
सीबीआई ने फरवरी 2010 में सेंट्रल बैंक आफ इंडिया के रीजनल मैनेजर एके जैन की शिकायत पर मामले दर्ज किए थे। बैंक की अरेरा हिल्स ब्रांच, भोपाल के सीनियर मैनेजर बसंत पावसे, सीनियर सेक्शन आफिसर कमलेश चौरसिया, राजधानी कंस्ट्रक्शन एंड डेवलपर्स के प्रोपराइटर ब्रजेश सिंह यादव और राजेंद्र प्रसाद तिवारी सहित अन्य बिल्डर ने मिलकर कुल 28 मामलों में फर्जी लोन पास कराए थे। इससे बैंक को करीब दो करोड़ 12 लाख रुपए का नुकसान हुआ था। मामले दर्ज होने के बाद पावसे को बैंक ने वर्ष 2012 में सस्पेंड कर दिया था। पावसे के पास व्हीकल, हाउसिंग, पर्सनल और एजूकेशन लोन का प्रभार था। इसके बाद बिल्डर ने ज्यादातर लोन बैंकों में वापस जमा करा दिया था।