भोपाल। 28 अक्टूबर को बीजेपी सरकार के इशारे पर राजधानी भोपाल पंचायतीराज के निर्वाचित जनप्रतिनिधियों को अपने अधिकारो की मांग करने पर पुलिस द्वारा लाठीयां से पिटवाकर जेल में डाल दिया गया, पुलिस द्वारा की गई इस बर्बरता का शिकार पंचायतीराज की महिला जनप्रतिनिधि भी हुई जो कि अपने बच्चों के साथ आंदोलन में शामिल होने आई थी, पंचायत प्रतिनिधियों पर हुए अत्याचार और अपमान का बदला लेने ओर राज्य सरकार को पंचायत प्रतिनिधियों की ताकत दिखाने का यह सुनहरा अवसर हमें झाबुआ उपचुनाव के रूप में मिला हैं, रतलाम में आयोजित त्रिस्तरीय पंचायतीराज संगठन की कोर कमेटी की बैठक में यह बात पंचायत संगठन के सूत्रधार अभय मिश्रा ने कही।
मिश्रा ने कहा कि कोर कमेटी में पंचायत प्रतिनिधियों के निर्णय के बाद संगठन ने झाबुआ उपचुनाव में काग्रेंस प्रत्याशी को सर्मथन देने का निर्णय लिया हैं, यह चुनाव पंचायत प्रतिनिधियों की प्रतिष्ठा का प्रश्न हैं इस चुनाव में बीजेपी प्रत्याशी की हार, प्रदेश की भाजपा सरकार को हिला कर रख देगी ओर अंहकार में डूबी प्रदेश सरकार को पंचायत प्रतिनिधियों की मांगो के सामने झुकने के लिए मजबूर होना पडेगा।
पंचायत प्रतिनिधियों की कोर कमेटी की बैठक में काग्रेंस प्रत्याशी को सर्मथन देने के निर्णय के बाद कांग्रेस के राष्टृीय महासचिव ओर प्रदेश के प्रभारी मोहन प्रकाश, काग्रेंस के प्रदेश उपाध्यक्ष रामेश्वर नीखरा, मीनाक्षी नटराजन पंचायत संगठन के कार्यक्रम में पहुचे जहां पंचायत प्रतिनिधियों का काग्रेंस को सर्मथन देने पर उनका आभार व्यक्त करते हुए मोहन प्रकाश ने कहा कि काग्रेंस पंचायत प्रतिनिधियों की लडाई में उनके साथ हैं।
संगठन के संयोजक ओर रतलाम के जिला पंचायत उपाध्यक्ष डी पी धाकड ने पंचायत प्रतिनिधियो को संबोधित करते हुए कहा कि प्रदेश भर से आए पंचायत प्रतिनिधि रतलाम, झाबुआ ओर अलीराजपुर के एक एक गांव में जाकर लोगो को शिवराज सरकार द्वारा पंचायत प्रतिनिधियों पर किए गए अत्याचार का सच बताए ओर झाबुआ उपचुनाव में बीजेपी प्रत्याशी को करारी मात दिलवाकर रतलाम का नाम देश की राजनीति के इतिहास में दर्ज कराए।

