सौतेले मोदी से दुखी शिवराज किसानों की मदद के लिए तलाश रहे नए रास्ते

Updesh Awasthee
भोपाल। केंद्र में जब तक मनमोहन सरकार थी, मप्र के हर दुख में साथ थी। अब जब मोदी सरकार है तो कौढ़ी कौढ़ी के लिए मोहताज हो गए हैं। मोदी का सौतेला व्यवहार लगातार जारी है। मजबूर शिवराज कर्ज लेकर सरकार चला रहे हैं, ऐसे में किसानों के मुआवजे का भार। रास्ता ही नहीं सूझ रहा, क्या करें, कैसे करें। शिवराज ने तय किया कि कुछ नया करेंगे। कुछ ऐसा जिससे किसानों की मदद भी हो जाए और सौतेलेपन का शिकार होने के बाद भी विरोध ना करना पड़े।

इस संदर्भ में शिवराज आज कृषि, राजस्व, सहकारिता, ऊर्जा और वित्त विभाग के अधिकारियों से चर्चा कर रहे थे। श्री चौहान कहा कि किसानों को राहत उपलब्ध कराने के लिये परंपरागत व्यवस्थाओं के साथ ही व्यावहारिक दृष्टिकोण के साथ न्यायोचित राहत उपलब्ध कराई जाये। राहत के आवश्यक नवाचार भी किये जायें। उन्होंने कृषि, राजस्व, सहकारिता, ऊर्जा और वित्त विभाग के अधिकारियों से कहा है कि वे इस संबंध में प्रस्ताव तैयार कर आगामी कृषि केबिनेट में प्रस्तुत करें, जिससे उनका शीघ्र क्रियान्वयन किया जा सके।

  • मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि इस वर्ष सोयाबीन और दलहन फसलों की उत्पादकता में अभूतपूर्व कमी हुई है। इससे किसानों को समय पर राहत उपलब्ध करवाने के लिये कार्य सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ किये जायें।
  • उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार से राहत के लिये मेमोरेन्डम तत्काल भेजा जाये। मेमोरेन्डम राजस्व, कृषि और वित्त विभाग द्वारा संयुक्त रूप से तैयार किया जाये।
  • उन्होंने ऊर्जा विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि विद्युत के अस्थाई कनेक्शन लेने वाले किसानों को राहत उपलब्ध करवाने की संभावनायें खोजें।
  • सहकारिता विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि किसानों को वित्तीय मदद उपलब्ध करवाने के लिये पर्याप्त वित्तीय गतिशीलता बढ़ाने के आवश्यक उपाय किये जाये।
  • उन्होंने विद्युत आपूर्ति की निरंतरता सुनिश्चितता करने के लिये कहा।
  • उन्होंने राजस्व विभाग के अधिकारियों को सूखे की स्थिति के व्यावहारिक आकलन के निर्देश दिये।
  • उन्होंने कहा कि इस बार वर्षा के आधार पर आंकलन व्यावहारिक नहीं होगा। इस दिशा में नवाचार के साथ कार्य किये जायें।


बैठक में मुख्य सचिव श्री अंटोनी डिसा, अपर मुख्य सचिव वित्त श्री ए.पी. श्रीवास्तव, कृषि उत्पादन आयुक्त श्री पी.सी. मीणा, प्रमुख सचिव राजस्व श्री के.के. सिंह. प्रमुख सचिव कृषि डॉ. राजेश राजौरा, प्रमुख सचिव सहकारिता श्री अजीत केसरी, प्रमुख सचिव नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा श्री मनु श्रीवास्तव, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री श्री एस.के.मिश्रा एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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