छतरपुर में डेंगू का कहर: 1 की मौत दर्जनों आगोश में

Updesh Awasthee
कमलेश पाण्डेय/छतरपुर। डेंगू की खबर आते ही छतरपुर में ढोल मंजीरे पिटने लगे थे। सरकारी विभाग चेतावनियां जारी कर रहे थे, समाजसेवी संस्थाएं रैली निकाल रहीं थीं, लेकिन डेंगू वाला मच्छा कहां इन रैलियों से डरने वाला। आ घुसा छतरपुर में और कहर बरपाना शुरू कर दिया। डेंगू के प्रकोप से अब एक 1 मौत हो चुकी है जबकि दर्जनों मौत की आगोश में हैं।

हासिल जानकारी के मुताविक बीते रोज कांग्रेस नेता हरी खरेनिवासी गललमण्डी छतरपुर के नाती उदयवीर को डेंगू ने डंक चुभा दिया। मासूम उदयवीर को इलाज के जिलाचिकिस्सालय में दाखिल दाखिल कराया गया लेकिन उसे समुचित इलाज नसीब नहीं हो सका। डेंगू के डंक से कराह रहे मासूम को ग्वालियर और इसके बाद लीलावती अस्पताल पहुँचते ही उसने दुनिया को अलविदा कर दिया।

परिवार दिल के कलेजे के जाने के बाद आँशु पोछ भी नहीं पाया यह कि बड़ा भाई राजवीर 4 साल को भी डेंगू ने डंक चुभा दिया। जिसे भोपाल के बंसल होस्पिटल में भर्ती कराया गया है। कल के गाल में समां चुके उदयवीर के पड़ोस में इस कदर डेंगू का कहर है कि अब तक करीब एक दर्जन बच्चे डेंगू के अकोस में आ चुके हैं। इनमे से कुछ परिवारतंगी के दौर से गुजर रहे हैं।

ऐसे लोग राम भरोसे जिला अस्पताल में इलाज करा रहे है और कुछ महानगरों में भर्ती है। डेंगू का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है वाही रोकथाम के नाम पर केवल अधिकारियो की बैठक का दौर जारी है। साथ ही डेंगू से बचाव और सावधानी का अनांउसमेंट करा कर कर्तव्यों की इतिश्री की जा रही। डेंगू वाले मच्छर को मारने के लिए कोई कुछ नहीं कर रहा।

cmho व्हिके गुप्ता ने स्वीकार किया कि तहसील राजनगर के दुर्जनपुर में 20 बच्चों की जाँच की गई थी। जिनमे से 8 में डेंगू के लक्षण मिले है। यह तो सरकारी आंकड़े है। असलियत तो यह है कि बक्सवहा क्षेत्र में कई गांव चपेट में है। 

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