राजस्थान के बाड़मेर में अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस पर टाऊन हॉल में आयोजित जिला स्तरीय कार्यक्रम में मुख्य अतिथि जिला कलेक्टर मधुसूदन शर्मा को अपना वाहन छोड़कर भागना पड़ा।
दरअसल, शिक्षा प्रेरकों ने यहां आयोजित कार्यक्रम का बहिष्कार करते हुए सड़क पर प्रदर्शन किया और काले झंडे भी दिखाए। शिक्षा प्रेरकों का आरोप हैं कि कोर्ट के आदेशों के बावजूद भी उन्हें अनुभव प्रमाण पत्र नही दिए जा रहे हैं।
जिन के लिए सम्मान समारोह और कार्यक्रम आयोजित किया गया वही लोग सड़कों पर काले झंडे लेकर विरोध प्रदर्शन करते नजर आए। दरअसल, यहां अंतराष्ट्रीय साक्षरता दिवस पर आयोजित कार्यक्रम का जिला स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया जाना था जिसमें जिले के कलेक्टर बतौर मुख्य अतिथि शिरकत करने वाले थे और साक्षरता प्रचार में योगदान देने वालों को सम्मानित करने वाले थे लेकिन जिला कलेक्टर जैसे ही यहां पहुंचे यहां मौजूद शिक्षा प्रेरकों ने नारेबाजी करनी शुरू कर दी और काले झंडे दिखा कर विरोध भी किया।
पूरे हंगामे के बाद जिला कलेक्टर को अपने सरकारी वाहन को छोड़ कर भागकर टाउन हाल जाना पड़ा लेकिन अंदर का माहौल भी कुछ बेहतर नहीं था जिला कलक्टर और चन्द लोगो के अलावा पूरा टाऊन हॉल खाली पड़ा था।

