महोदय,
माननीय से निवेदन है कि जबलपुर जिले में पिछले कई वर्षो से खाद्यान्न ट्रान्सपोर्ट की आड़ में सैकड़ों करोड़ के घोटाले को अन्जाम दिया जा रहा है। महोदय मेरी जानकारी के अनुसार जबलपुर एवं सभांग के अधिकतम वेयर हाउसों में तय मात्रा से कम माल रखा है जिसकी शिकायत मैने पूर्व में भी की है। महोदय पिछले कई वर्षो से बालाजी ट्रान्सपोर्ट, नर्मदा इंटरप्राइजेज व इनके संचालकों के पारिवारिक सदस्यों के नाम से बनाई गई कई अन्य ट्रान्सपोटिंग कंपनियों द्वारा जबलपुर में सरकारी खाद्यान्न की अधिकृत ट्रान्सपोटिंग की जा रही है।
मेरी जानकारी के अनुसार उक्त कंपनियों के संचालकों द्वारा ट्रान्सपोर्ट के द्वारा भारी मात्रा में सरकारी खाद्यान्न को खुर्द-बुर्द किया जाता है एवं सोसायटीयों से प्राप्त खाद्यान्न को बीच रास्ते में ही अन्यंत्र भेज दिया जाता है जिससे वेयर हाउसों में निष्चित खाद्यान्न की कमी होती है बाद में किसी कमजोर व्यक्ति को देखकर सारा दोष उसके सर मड़कर स्वंय को निर्दोष सिद्ध कर देते हैं इस प्रायोजित कार्यक्रम की ठगी में वेयर हाउस कार्पोरेषन के अधिकारियों, कर्मचारियों की मिलीभगत रहती है कारण है उक्त घोटाला सामने नहीं आ पाता अतः माननीय से निवेदन है कि पिछले तीन वर्षों में सरकारी संस्थाओं द्वारा कितनी खरीद की गई है एवं संबंधित ट्रान्सपोटर में उक्त खाद्यान्न को किन-किन स्थानों से लेकर किन वेयर हाउसों में छोड़ा है तथा उन वेयर हाउसों में ट्रान्सपोर्टर द्वारा वह माल पहुंचा गया है अथवा रास्ते में ही उसे अन्यंत्र भेज दिया गया इस संपूर्ण विषय की सिलसिलेवार जांच कराकर जानकारी एकत्र करने की कृपा करें ताकि शासन के साथ किए जा रहे उक्त घोटालों का पर्दाफाष हो सके।
साथ ही ट्रान्सपोर्टर द्वारा किए जा रहे परिवहन को वेयर हाउस में जमा करते समय भी उसके वजन की भी जांच की जाए तो माननीय के सामने संपूर्ण घटनाक्रम उजागर हो सकता है क्योंकि मेरी जानकारी के अनुसार कई जगहों में खाद्यान्न के बोरंों में सूजा डालकर उसमें से कुछ खाद्यान्न निकाल लिया जाता है।
महोदय मेरी जानकारी के अनुसार म.प्र. विपणन संघ एवं म.प्र.वे.ल.क.की लगभग 3-5 करोड़ की घोषित रिकवरी बालाजी ट्रान्सपोर्ट व इन से जुड़ी अन्य कंपनियों पर है किंतु अपने राजनैतिक रसुख धन-बल व अधिकारियों की मिलीभगत के चलते ये बार-बार उक्त ठेके को प्राप्त करने में सफल होते है।
पूर्व में भी मैने इस तरीके की आवाज उठाई है किंतु उस पर कोइ ध्यान नहीं दिया गया है मेरे द्वारा सूचना अधिकार अधिनियम के तहत् भी उक्त संदर्भ में जानकारी मांगी गई थी किंतु आज दिनांक को मुझे कोई जानकारी नहीं दी गई एक अन्य प्रकरण में एक वेयर हाउस की षिकायत में भी चाही गई जानकारी संबंधित अधिकारी पियूष बघेल द्वारा न्यायालय की रोक का हवाला देकर जानकारी नहीं दी गई अतः आप माननीय से निवेदन है कि मेरे निवेदन पर विचार कर न्यायसंगत उचित कार्यवाही करें एवं सरकार के नाक के नीचे हो रहे इस करोड़ो रूपए के घोटाले को उजागर करे ताकि ये घोटालेबाज सामने आ सके कृपया उचित कार्यवाही करने की दया करें।
धन्यवाद
दिनांक
प्रार्थी
जितेन्द्र अवस्थी

