नेताजी के रिश्तेदारों ने इस महान स्वतंत्रता सेनानी और उनके परिवार की कथित जासूसी की जांच कराने की मांग की है। सुभाष चंद्र बोस के भाई के पोते चंद्र बोस ने एक निजी चैनल से कहा कि सार्वजनिक किए गए नए दस्तावेजों से साबित होता है कि ताइवान में 18 अगस्त, 1945 को एक विमान दुर्घटना में नेताजी की कथित मृत्यु के बाद सरकार ने बोस परिवार की जासूसी कराई थी।
बोस ने कहा कि उन्होंने मेरे पिता अमिया नाथ बोस की जासूसी क्यों कराई? वह दाऊद इब्राहिम नहीं थे! फिर भी उन्होंने उन (अमिया नाथ बोस) पर नजर रखने के लिए खुफिया विभाग के 14 लोग तैनात कर रखे थे। भारतीय सरकार को एक भारतीय स्वतंत्रता सेनानी के परिवार की जासूसी कराने की जरूरत क्यों आन पड़ी? मैं मांग करता हूं कि पीएम (नरेंद्र) मोदी इसकी जांच कराएं। गौरतलब है कि अमिया नाथ बोस नेताजी के भतीजे थे।

