भोपाल। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मध्यप्रदेश में हुए स्कॉलरशिप घोटाले के मामले में कमजोर कार्रवाई पर नाराजगी जताई है। उन्होंने अधिकारियों को बताया कि अब सभी योजनाओं का मूल्यांकन करवाया जाएगा ताकि इनमें हुए घोटालों का खुलासा हो सके।
मंत्रालय में अधिकारियों की बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि इसके लिए थर्ड पार्टी की मदद ली जाएगी। उन्होंने कहा कि कई योजनाआें में अनियमितता पाए जाने पर इन्हें छिपाया नहीं गया बल्कि उजागर किया गया है। स्कॉलरशिप जैसी कई योजनाओं में गड़बड़ी पर खुलकर बोले। उन्होंने भ्रष्टाचार मामलों में कार्रवाई में विलंब पर भी नाराजगी जताई।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि राज्य में खराब हुई सड़कों की बारिश के बाद तत्काल मरम्मत करवाई जाए। राज्य में एक नवंबर से आवासहीनों को मकान अथवा प्लाट देने का अभियान चलाया जाए। करीब तीन घंटे तक चली बैठक में शिवराज ने कहा हमारी एमपी टीम सबसे बेहतर है। कुछ अधिकारियों के कारण गड़बड़ी हो जाती है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि वरिष्ठ अधिकारी अपने मातहतों पर शिकंजा कसें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अच्छा काम करने वालों को पुरस्कृत किया जाएगा। उन्होंने राज्य के विकास और लोक कल्याण के लिए टीम भावना से काम करने के निर्देश दिए। सीएम ने अंत्योदय मेले बेहतर ढंग से आयोजित करने के निर्देश भी दिए।

