भोपाल। व्यापमं घूसकांड में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान बैकफुट पर आ गए हैंं। उन्होंने डॉ. आनंद राय के घूसवाले आरोप का न्यायालय में जवाब देने के बजाए राय दंपत्ति का तबादला निरस्त कर दिया है। इसकी जानकारी महाधिवक्ता ने कोर्ट को दी। शासन के इस जवाब के बाद कोर्ट ने याचिका का निराकरण करते हुए सरकार को ये निर्देश दिया कि वो डाॅ. राय के रुके हुए वेतन को शीघ्र जारी करे।
- व्यापमं के व्हिसल ब्लोअर डॉ. आनंद राय का तबादला इंदौर से धार कर दिया गया था।
- इससे पहले उनकी पत्नी डॉ. गौरी राय का तबादला उज्जैन कर दिया गया था।
- जब डॉ. राय ने इसके खिलाफ आवाज उठाई तो दोनों का तबादला धार कर दिया गया।
- डॉ. राय ने इसे तंग करने वाला तबादला बताया और न्यायालय की शरण ली।
- डॉ. राय ने आरोप लगाया कि शिवराज सिंह ने उन्हें सीएम हाउस बुलाकर घूस देने का प्रयास किया। कहा कि यदि वो व्यापमं मामले में चुप रहें तो उनका तबादला वापस इंदौर किया जा सकता है।
- सीएम शिवराज सिंह ने डॉ. राय के इस आरोप का कोई जवाब नहीं दिया। सिर्फ इतना कहा कि वो इसका जवाब न्यायालय में देंगे।
- न्यायालय ने उन्हें 2 बार बुलाया, लेकिन उन्होंने जवाब नहीं दिया।
- शुक्रवार 18 सितम्बर 2015 को शिवराज को न्यायालय में जवाब पेश करना था।
- शिवराज सिंह की ओर से कोई जवाब पेश नहीं किया गया।
- महाधिवक्ता ने बताया कि शासन राय दंपत्ति का तबादला निरस्त करने को तैयार है।
- इसी के साथ याचिका के निराकरण की प्रक्रिया पूरी करने का अनुरोध किया।

