भोपाल। आजाद अध्यापक संघ के नगाड़े पर शुरू हुआ अध्यापकों का आंदोलन अब ठंडा पड़ता नजर आ रहा है। शुक्रवार को पूरा दिन बीत जाने के बाद भी राजधानी में आंदोलन को किस तरह जारी रखा जाए इस पर अध्यापक नेताओं के बीच कोई निर्णय नहीं हो पाया। जबकि मप्र के कई जिलों में इस आंदोलन की आग तेज हो चुकी है। तालाबंदी के अलावा रैलियां, धरना, प्रदर्शन सहित आंदोलित अध्यापक अपने खिलाफ किसी भी प्रकार की कार्रवाई के लिए कमर कसे बैठे हैं।
अब मंत्रियों का घेराव करेंगे
AjitPal Yadav ने एफबी पर लिखा है कि शासन द्वारा हमारे शातिपूर्ण अनशन का षडयंत्र पूर्वक दमन किया गया है। पर हम अडिग रहेंगे बिना परिणाम की चिंता के। हमारे द्वारा पूर्व में भी 10 दिवस की अनुमति माँगी गई थी पर 03 दिन की ही प्रदान की गई। आगे बढवाने का पूरा प्रयास किया, पर नहीं दी गई।
आप सभी निरंतर संपर्क करने का प्रयास कर रहे हैं पर हम आप लोगों के काल अटेंड नहीं कर पाते। आप बिल्कुल अन्यथा न लें। शाहजहाँनी पार्क से हमारे टेंट के पूरे सामान को और वाहनों को जब्त कर लिया गया व बहुत नुकसान पहुँचाया गया है। सभी सामान व वाहन मुक्त करवा लिये गये हैं।
अनुमति के लिये प्रयास जारी हैं। अब हम 2 मंत्रियों का घेराव करने की रणनीति पर काम कर रहे हैं। कि ये जहाँ जाये इनको पंगु कर दो घेर कर। अगर ये सरकार नहीं सुनेगी तो हम पूर्ण तैयारी करके दिल्ली को जाम कर देंगे। हम ऐसा कर सकते हैं एकता के बल पर।
अनशन को जिलों पर शुरू करने का भी प्रस्ताव है ।
साथियों संशय न करें । हम पीछे नहीं हटेंगे ।
दिल्ली जाएंगे
Surendra Kumar Patel ने एफबी पर अपडेट किया है कि अध्यापक मित्रों , मध्यप्रदेश की सरकार कानून व्यवस्था को संभालने में सक्षम नहीं होने के कारण भारत के नागरिक को प्राप्त शांतिपूर्ण तरीके से बात रखने का अध़िकार नहीं दे रही है। ऐसे हालात में मजबूर होकर मध्यप्रदेश के अध्यापक केन्द्र सरकार के समक्ष अपनी बात रखने के लिए दिल्ली कूच करेंगे। आप सभी विद्वान अध्यापक मित्र अपनी लेखनी को सशक्त कर माननीय प्रधानमंत्री और महामहिम राष्ट्रपति महोदय तक यह बात पहुंचाएं कि मध्यप्रदेश मे अध्यापकों को शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने का संवैधानिक अधिकार नहीं दिया जा रहा है।

