भोपाल। बार बार हड़ताल के नाम पर आम जनता को परेशान करने वाली जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन ने इस बार उस समय हड़ताल शुरू कर दी है जबकि लोगों को डॉक्टर की सबसे ज्यादा जरूरत है। सर्दी, खांसी, जुकाम के अलावा राजधानी में स्वाइन फ्लू एवं डेंगू का प्रकोप भी चल रहा है। हड़ताल के दौरान जूडा ने टेंट लगाकर मरीजों की जांच का दावा तो किया परंतु करीब 1500 मरीजों के बिना इलाज वापस लौटना पड़ा। गंभीर बीमारों ने प्राइवेट अस्पतालों की ओर रूख किया। हड़ताल के चलते 12 आॅपरेशन टालने पड़े।
हमीदिया अस्पताल में उपकरण और इलाज की अन्य सुविधाओं को बढ़ाने और स्टायपेंड में वृद्धि सहित अन्य मांगों के समर्थन में हड़ताल की गई है। भोपाल जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन के आह्वान पर यह अनिश्चितकालीन हड़ताल मेडिकल कॉलेज के हमीदिया अस्पताल और सुल्तानिया हॉस्पिटल में शुरू हुई है।
जूडा के अध्यक्ष डॉ. आदित्य लूनावत का कहना है कि विभागीय मंत्री नरोत्तम मिश्रा को मांग पत्र सौंपा है। अभी केवल असहयोग कर रहे हैं। यदि मांगों का निराकरण नहीं होता तो काम बंद हड़ताल करेंगे। उन्होंने बताया कि जूडा की टीम मंत्री से मिलने ग्वालियर जा रही है।

