जबलपुर। व्यापमं फर्जीवाड़े में जेल भेजे गए भोपाल बिल्डर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष विपिन गोयल को वीआईपी ट्रीटमेंट देने के मामले पर हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। उसने शुक्रवार को एसटीएफ चीफ सुधीर शाही को इस मामले की जांच के आदेश दिए।
इसके कुछ घंटे बाद ही शाम पौने 7 बजे शाही सीधे मेडिकल अस्पताल पहुंचे और तकरीबन तीन घंटे तक मामले की पड़ताल की। रात 9:40 तक उन्होंने कैदी वार्ड 19 का निरीक्षण करने के बाद मेडिकल प्रबंधन से बातचीत कर संबंधित जानकारी जुटाई। एसटीएफ ने यहां से सीसीटीवी फुटेज के साथ ही विपिन गोयल की बीमारी संबधी फाइल भी जब्त की है।
क्या है मामला
व्यापमं घोटाले में गिरफ्तार किए गए नितिन गोयल को बीमारी का हवाला देते हुए 24 जून को मेडिकल के वार्ड नंबर 19 में भर्ती कराया गया था। अस्पताल में नितिन से मिलने-जुलने वालों का तांता लगा रहा। वहां से उसके आराम करते हुए और परिजनों-रिश्तेदारों से मुलाकात के कई फोटो भी सामने आए। मामला उछला तो 25 को उसे जेल वापस भेज दिया गया।
एसटीएफ को देने हैं ये जवाब
पता लगाएं कि गोयल को हाईकोर्ट से जेल भेजा गया था, इसके बावजूद वह इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज जबलपुर कैसे पहुंच गए?
अस्पताल में उनकी आराम करते हुए और परिजनों से मुलाकात करते हुए तस्वीरें कैसे सामने आईं?
इस केस की विधिवत जांच सुनिश्चित करके दोषियों के नाम उजागर किए जाएं।
यह भी जानकारी दें कि गोयल को आखिर बीमारी क्या है?
इस केस में जेल, पुलिस व अस्पताल के लोग शामिल हों तो उनके भी नाम सामने लाए जाएं।
एएसपी गर्ग करेंगे जांच
एसपी डॉ. आशीष ने नितिन गोयल को पुलिस कस्टडी में मिले वीआईपी ट्रीटमेंट की जांच के निर्देश दिए हैं। एएसपी सिटी गीतेश गर्ग इस पूरे प्रकरण की जांच करेंगे।

