पेसेंजर्स को 'मामू' बना गई मेमू ट्रेन

shailendra gupta
भोपाल। रेलबजट प्रस्ताव 2012 में घोषित बीना-भोपाल मेमू ट्रेन वास्तव में पेसेंजर्स को मामू बना गई। रेल विभाग ने बीना-भोपाल पेसेंजर ट्रेन को बंद करके इस नई मेमू ट्रेन को चालू कर दिया। कुल मिलाकर रुपैया छीनकर अठन्नी थमा दी।

भोपालसमाचार.कॉम के एक जागरुक पाठक कृष्णकुमार ने इस संदर्भ में ईमेल भेजकर ध्यान आकृष्ट कराया है। हम उनका भेजा गया मेल शब्दश: प्रकाशित कर रहे हैं। आप भी पढ़िए किस चतुराई से रेल विभाग ने पेसेंजर्स को चूना लगा डाला।

रेल बजट प्रस्ताव 2012 के अनुसार बीना-भोपाल के बीच मेमू ट्रेन चलाने के सम्बन्ध में स्वीकृति दी गई थी, भोपाल रेल मंडल के हवाले से बीना-भोपाल के बीच इस ट्रेन के दो फेरों की समय सारणी समाचार पत्रों में घोषित भी की गई थी, रेल मंडल द्वारा अंत समय अपना निर्णय बदलते हुए मेमू ट्रेन के एक ही फेरे की समय सारणी घोषित कर दिनांक 17/04/2013 को मेमू ट्रेन शुरू कर दी गई, किन्तु इस हाथ दे उस हाथ ले वाली कहावत को चरितार्थ करते हुए रेल प्रशासन ने बीना-भोपाल के बीच वर्षो से चलने वाली पैसिंजर ट्रेन को उसी तारीख से बंद कर दिया है और उसी टाइम टेबल पर मेमू को चला दिया है। 

अत: यात्रियों को बजट में घोषित अतिरिक्त ट्रेन के रूप में मेमू गाड़ी का कोई लाभ नही मिला है, उलटे पैसिंजर की अपेक्षा मेमू ट्रेन में सुविधाओं का आभाव है। मेमू गाड़ी में न तो शौचालय है ना ही सामान रखने हेतु जगह है इसका खामियाजा यात्री भुगतने हेतु मजबूर है इससे ज्यादा अच्छा तो पूर्व में चलने वाली पैसिंजर ही चलती रहे जो सुविधायुक्त है, बजट प्रस्ताव के अनुसार मेमू को अन्य समय पर अतिरिक्त गाड़ी के रूप चलाना चाहिए जिसका लाभ यात्री ले सकें। रेल प्रशासन इस सम्बन्ध में मौन है, और जनता अपने आप को ठगा सा महसूस कर रही है।

लेखक श्री कृष्ण कुमार से उनके ईपता krisnaguru@gmail.com पर संपर्क किया जा सकता है। 

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