सीआर अधिकारियों ने नहीं बनाई, प्रमोशन सहायक अध्यापकों के लटक गए

shailendra gupta
भोपाल। वरिष्ठ अधिकारी अपनी गलतियों की सजा भी किस तरह से अधीनस्थों को देते हैं इसका जीता जागता उदाहरण डिंडोरी में दिखाई दे रहा है। यहां पिछले पांच साल से अधिकारियों ने अध्यापकों की सीआर नहीं बनाई और प्रमोशन सहायक अध्यापकों का लटक गया।

किसी भी अधीनस्थ की सीआर बनाना उसके रिर्पोटिंग हेड की जिम्मेदारी होती है। इसी के आधार पर विभागीय काम आगे चलते हैं और अधीनस्थों को प्रमोशन या दण्ड दिए जाते हैं, परंतु डिंडोरी में इस परिपाटी का पालन नहीं किया जा रहा है। सीईओ जिला पंचायत सुदर्शन सोनी ने जिले भर के सहायक अध्यापकों की प्रमोशन सूची रोक रखी है। उनका कहना है कि जब तक सहायक अध्यापकों की पिछले पांच साल की सीआर नहीं मिल जाती उन्हें प्रमोट नहीं किया जाएगा।

सवाल यह है कि सीआर न बनने के कारण प्रमोशन सूची को आखिर क्यों रोका गया, जिस अधिकारी ने पिछले पांच साल से सीआर नहीं बनाई, उसके खिलाफ कोई कार्रवाई प्रस्तावित क्यों नहीं की गई। कहीं ऐसा तो नहीं कि सीआर के बहाने सीईओ जिला पंचायत प्रमोट होने जा रहे सहायक अध्यापकों पर प्रेशर क्रिएट कर रहे हों, ताकि 'शुकराना' वसूला जा सके।

यदि ऐसा नहीं है तो सीईओ जिला पंचायत को चाहिए कि वो उन अधिकारियों को दण्डित करें जिन्होंने सीआर नहीं बनाई और क्षमायाचना सहित प्रमोशन सूची जारी करें।

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