सीईओ ने कहा: इतने पड़ेंगे कि इधर-उधर की कमाई भूल जाएगा

Saturday, October 15, 2016

कमलेश सारड़ा/नीमच। तारापुर के सरपंच पवन सेन पर आपराधिक मामला सिद्ध होने पर पद से हटाये जाने को लेकर जिला पंचायत नीमच में आरटीआई कार्यकर्ता जगदीश कुमावत एक आवेदन दिया था। जिसको जावद जनपद पंचायत सीईओ के पास भिजवाया गया था। इसी सम्बन्ध में जगदीश कुमावत ने जनपद सीईओ को फ़ोन लगाय था। जिस पर सीईओ ने अशोभनीय भाषा का प्रयोग किया अपशब्दों का प्रयोग करने का ऑडियो वायरल हुआ है। 

आरटीआई कार्यकर्ता ने इसकी शिकायत कलेक्टर से करने की बात कही है। कुमावत ने तारापुर सरपंच पवन सेन को सेवा से पृथक करने को लेकर मोबाइल पर सीईओ निर्देशक शर्मा से बात की थी। आॅडियो 3 मिनट 9 सेकंड का है। कुमावत का कहना है की कलेक्टर रजनीश श्रीवास्तव से मामले की शिकायत करेंगे। 38 वर्षीय कुमावत पूर्व में शिक्षक पद पर पदस्थ थे लेकिन उन्हें बर्खास्त कर दिया गया। अब वो आरटीआई कार्यकर्ता हैं।

ये था मामला
आरटीआई कार्यकर्ता जगदीश कुमावत व उनके भाई के साथ दो साल पहले तारापुर के सरंपच पवन सेन उसके पिता ने मारपीट की थी। यह मामला जावद न्यायालय में चल रहा था। इस मामले में जावद कोर्ट ने सेन सहित तीनों लोगों को 29 अगस्त 2016 को एक-एक हजार रुपए का अर्थदंड और न्यायालय उठने तक की सजा सुनाई थी।

पढ़िए -  ऑडियो में क्या हुई बात चित  
कुमावत- सर, नमस्कार। मैं तारापुर से जगदीश कुमावत बोल रहा हूं।
सीईओ- हां जानता हूं तेरे को, बोल। 
कुमावत- जनसुनवाई में एक आवेदन लगाया था। वहां से बोला समस्या की सुनवाई जनपद में होगी, इसलिए फोन किया। 
सीईओ- तू मेरे से क्या चाह रहा है? 
कुमावत- मैं उसमें पूछ रहा हूं कि समस्या का समाधान हो रहा है कि नहीं।
सीईओ- पहले तो वाट्सएप पर दिया था न मैसेज। 
कुमावत- वो तो हो गई बात।
सीईओ- तू यहां तो आ जा तेरी समस्या का समाधान कर देता हूं। 
कुमावत- वो तो एसडीएम साहब करेंगे। 
सीईओ- आ जा बेटा, तेरा बाप प्यार से बुला रहा है तो आ जा ना। 
कुमावत- क्या?
सीईओ- तूने वाट्सएप पर दिया था न मैसेज। 
कुमावत- अरे वो तो अलग चीज है सर। 
सीईओ- ... समझ में नहीं आती तुझे अधिकारियों के साथ कैसे हैंडल किया जाता है। 
कुमावत- अधिकारी भी शासकीय कर्मचारी हैं। 
सीईओ- डीईओ ने तेरे को भगया, नौकरी से निकाला? 
कुमावत- क्या? कुमावत- अरे, सुन रे सुन। 
सीईओ- अधिकारी जब बाेलता है तब बीच में मत बोलाकर। 
कुमावत- क्या... क्या? 
सीईओ- जब तेरे को पिछली बार बोल दिया कि मेरे को फोन मत लगाया कर...।
कुमावत- जनसुनवाई से पर्ची मिली है उसमें आप के यहां समस्या के समाधान के लिए बोला गया था। इसलिए लगाया आपको।
सीईओ- तू इतना बड़ा हो गया है सीईओ को फाेन लगाएगा।
कुमावत- मैं तो कलेक्टर और जिला पंचायत सीईओ को भी फोन लगाता हूं। 
सीईओ- सूचना के अधिकार के तहत जानकारी लेकर पैसे वसूलता रहता है। 
कुमावत- सजायाफ्ता की मैं तो बात कर रहा हूं।
सीईओ- तेरे गले में जानकारी का हार डालूंगा। 
कुमावत- अच्छा... अच्छा...।
सीईओ- आगे मुझे फोन मत लगाना। 
कुमावत- आप पद पर हैं इसलिए मैं आपको लगा रहा हूं। 
सीईओ- तू यहां आजा फिर मैं जानकारी देता हूं। 
कुमावत- ऐसा है, जब तक पद है मैं फाेन करूंगा। 
सीईओ- यहां आ जा तुझे मैं जानकारी दूंगा।
कुमावत- जब तक अाप पद पर हैं तब तक ही फोन लगा रहा हूं। 
सीईओ- रोज तुझे इतना समझा रहा हूं, सुन ले। 
कुमावत- पद से हट जाएंगे फिर मैं फोन नहीं करूंगा। 
सीईओ- इधर-उधर से पैसा कमाता है, सूचना के अधिकार में जानकारी लेकर लोगों को ब्लैकमेल करता है। 
कुमावत- अरे नियम पढ़ो... नियम पढ़ो...।
सीईओ- लोगों को बोलते हो 50 हजार रुपए दे दो तो शिकायत नहीं करूंगा। 
कुमावत- कौन कह रहा है? 
सीईओ- इधर-उधर से पैसा कमाता फिरता है। *** इतने पड़ेंगे कि तू इधर-उधर से कमाई करना भूल जाएगा। 
कुमावत- अनुभव है क्या ज्यादा। 
सीईओ- ऑफिस में काम कर रहा हूं।
कुमावत- *** अनुभव है क्या हा हा हा हा हा हा... और फोन डिसकनेक्ट।

कमलेश सारड़ा 
मोब-9425106498

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