सरकार का मजा तो कोई और ले रहा है, मैं तो सजा भुगत रही हूं: उमा भारती

Updesh Awasthee
भोपाल। केंद्रीय मंत्री उमा भारती का दर्द एक बार फिर उभरकर सामने आ गया। उन्होंने अपनी ही पार्टी में हुई गोलबंदी पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस के भ्रष्‍टाचार के बाद प्रदेश की जनता ने भाजपा को सत्‍ता सौंपी लेकिन सरकार बनने का मजा किसी और मिला। वह तो सिर्फ सजा भुगत रही हैं। 

बता दें कि 1998 में दिग्विजय सिंह सरकार के खिलाफ चुनाव अभियान को लीड करते हुए उमा भारती ने तत्कालीन सीएम दिग्विजय सिंह पर 15000 करोड़ रुपए के भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे। बदले में दिग्विजय सिंह ने मानहानि का मुकदमा ठोक दिया था। इस मामले में श्री सिंह ने भाजपा के वरिष्ठ नेता सुंदरलाल पटवा एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री विक्रम वर्मा को भी पार्टी बनाया था। बीते रोज दोनों वरिष्ठ नेताओं ने कोर्ट में लिखकर दे दिया कि 'दिग्विजय सिंह ईमानदार एवं कर्तव्यनिष्ठ हैं, उन्होंने कोई भ्रष्टाचार नहीं किया।' इसके बाद दिग्विजय सिंह ने अपना केस वापस ले लिया, लेकिन उमा भारती के खिलाफ मामला अब भी जारी है। उमा भारती ने यह भी जोड़ा कि भाजपा का घोषणापत्र उन्होंने खुद तैयार नहीं किया था। वह पार्टी का घोषणापत्र था। प्रदेश अध्यक्ष कैलाश जोशी एवं संगठन महामंत्री कप्तान सिंह सोलंकी भी बराबर से साथ थे। 

उमा भारती ने भी पिछले दिनों दिग्विजय सिंह से राजीनामा करने की कोशिश की थी परंतु दिग्विजय सिंह ने शर्त रखी कि वो सार्वजनिक रूप से उनसे माफी मांग लें, तभी केस वापस लिया जा सकेगा। उमा ने अभी तक माफी नहीं मांगी है। 2 बड़े नेताओं के केस से बाहर निकल जाने के बाद उमा खुद को अकेला महसूस कर रहीं हैं। जैसे पार्टी ने उन्हें इस टंटे में फंसा दिया हो। भोपाल प्रवास के दौरान उमा ने कहा कि मैं इस मामले में दिग्विजय सिंह के कहने पर माफ़ी नहीं मांगूंगी। मैं कोर्ट का सम्मान करती हूंं और उसी के आदेश का पालन करूंगी। 

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