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छाती पर चढ़ गई महिला रेंजर, बेरहमी से पीटा और जबरन शराब पिलाई

Thursday, August 25, 2016

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मांडू/इंदौर। धामनोद रेंजर सीमा परिहार और उनके पति लोकेश परिहार पर आरोप है कि उन्होंने फॉरेस्ट गार्ड रमेश पाल को इतनी बेरहमी से पीटा कि उसे 12 टांके आए हैं। इतना ही नहीं अपनी पॉवर का यूज करके रेंजर ने ना केवल उसे सस्पेंड करा दिया बल्कि उसके खिलाफ एफआईआर भी दर्ज करा दी। मामला लकड़ी माफिया से मिली घूस के बंटवारे का है। 

बुधवार को एसपी राजेश हिंगणकर से न्याय मांगने आए वनरक्षक रमेश पाल ने बताया कि रेंजर मैडम के साथ आए अन्य दो लोगों ने मारपीट की। मैं पलंग पर लेटा था और रेंजर सीमा सिंह ने आते से ही मेरे सिर पर लट्ठ मार दिया। मैं लहूलुहान हो गया। मुझे फिर डिप्टी रेंजर संतोष भगोरे और रेंजर के पति लोकेश, जो साथ आए थे, उन्होंने भी मुझे जमीन पर लेटा कर मारा। जान बचाकर पास वाले कमरे में छुप गया। दरवाजे को लात मारकर वे भी अंदर आ गए। मुझे घसीटते हुए मैदान में ले गए और रस्सियों से हाथ-पैर बांधकर मुझे लोगों के सामने मारा। मेरे मुंह में बियर की बोतल ठूंसी। ऊपर से शराब डाल दी। 

12 टांके आए हैं और फिर भी FIR नहीं
फॉरेस्ट गार्ड ने बताया कि उसे 12 टांके आए हैं लेकिन पुलिस ने उसकी फरियाद नहीं सुनी। अदम चैक काटकर बहलाने की कोशिश की। 'अदम चैक का अर्थ है ऐसा अपराध जिसमें पुलिस हस्तक्षेप नहीं कर सकती' जबकि रेंजर सीमा परिवार की शिकायत पर पुलिस ने फॉरेस्टगार्ड रमेश पाल के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली। मामले में एसपी राजेश हिंगणकर का कहना है यदि 12 टांके आए हैं और फिर भी एफआईआर नहीं हुई तो तुरंत थाना प्रभारी से कहता हूं।

ग्रामीण भी दे रहे हैं गवाही
घटना मंगलवार की है। तारापुर घाटी से नीचे के गांव ब्राह्मणपुरी में वारदात हुई। ग्रामीण भी इसकी गवाही दे रहे हैं लेकिन फिर भी ना तो वनविभाग के अधिकारी रेंजर पर कार्रवाई करने को तैयार हैं और ना ही पुलिस ने अब तक कोई कदम उठाया। ग्रामीण संदीप ने बताया रमेश को रेंजर मैडम और साथ तीन अन्य लोगों को मारते देखा और उसके हाथ-पैर बांधकर मैडम उसके ऊपर खड़ी हो गई थीं। मुकेश एवं शोभाराम ने कहा मैंने चार लोगों में एक महिला और तीन पुरुषों को वनरक्षक को लट्ठ से मारते देखा। रमेश को गुहार लगाते देखा मुझे मत मारो। लीला बाई ने कहा मैंने एक ड्रेस पहनी महिला और कुछ लोगों को रमेश को मारते हुए देखा। वो काफी देर से अंदर ही मार रहे थे। उसके बाद फिर इसे बाहर लेकर आए। हाथ-पैर बांध कर बाहर भी मारा।

क्या कहतीं हैं आरोपी रेंजर सीमा परिहार 
धामनोद रेंजर सीमा परिहार का कहना है हमें सूचना मिली थी रमेश पाल ड्यूटी पर शराब पिया हुआ है। ड्राइवर नहीं होने से पति के साथ गांव पहुंचे थे। हमने रमेश से पूछताछ की तो अनर्गल बातें करने लगा। नशे में लड़खड़ा कर गिर पड़ा। उसे चोट लगने पर हमने ही डॉयल 100 को बुलाकर अस्पताल पहुंचाया। भला हमने और हमारे पति ने मारपीट की होती तो उसे अस्पताल क्यों पहुंचाते। झूठी बातें कही जा रही हैं कि हमने मारपीट की। हमने सभी साक्ष्य वरिष्ठ अधिकारियों के समक्ष प्रस्तुत कर दिए हैं।

ग्रामीणों ने दी थी डॉयल 100 को सूचना
रेंजर सीमा परिहार का दावा है कि उन्होंने डॉयल 100 को फोन करके बुलाया जबकि ग्रामीणों का कहना है कि वन रक्षक पर हमला देख उन्होंने डॉयल 100 पर काॅल कर सूचना दी। पुलिस के पहुंचने के पहले हमलावर जा चुके थे। वनरक्षक को यहां से मांडू ले जाकर अस्पताल में उपचार करवाया। रमेश को 12 टांके आए हैं। 


ये है टंटे की जड़
सूत्र बताते हैं कि विवाद लकड़ी माफिया से मिली घूस का है। घूस की वसूली लेकर फॉरेस्ट गार्ड रमेश पॉल ही आया था। वो चाहता था कि इसमें से एक हिस्सा उसे भी मिल जाए ताकि वो अपने घर की मरम्मत करा सके। 'औकात से ज्यादा मुंह फाड़ने' के कारण रेंजर सीमा परिहार नाराज हो गईं और यह घटनाक्रम हुआ। वनविभाग के सूत्र दावा करते हैं कि इस तरह के मामलों में घूस ऊपर तक बांटी जाती है जबकि रमेश पॉल ने एक हिस्सा अपने पास रख लिया था। इसलिए उसे सस्पेंड भी कर दिया गया। 

सस्पेंड क्यों किया
वनरक्षक को महिला अधिकारी को परेशान करने के चलते निलंबित किया है। मारपीट अलग मसला है, जिसको लेकर कार्रवाई पुलिस का काम है।
वाईपी सिंह, डीएफओ धार
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